कार्यक्रम के दौरान Anita Sahu और Mithlesh Chaturvedi ने वर्चुअल संवाद के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से बातचीत कर योजना से मिले लाभ के लिए आभार व्यक्त किया।
Gaurela Pendra Marwahi district के गौरेला विकासखंड स्थित ग्राम खोडरी की निवासी अनीता साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई का काम शुरू किया। उन्होंने “अनीता सिलाई सेंटर” के नाम से अपना छोटा उद्यम भी पंजीकृत कराया है। पहले उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उनके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उन पर ही थी। अब खेती, मजदूरी और सिलाई कार्य से उन्हें नियमित आय होने लगी है, जिससे उनके परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
अनीता साहू को महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ है, जिससे उनके स्वरोजगार को और मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है और अब वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकी हैं।
इसी तरह Mohla Manpur Ambagarh Chowki district की निवासी मिथलेश चतुर्वेदी ने भी अपनी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गया था। ऐसे कठिन समय में शासन से मिली सहायता और महतारी वंदन योजना की आर्थिक मदद ने उन्हें नया रास्ता दिखाया।
मिथलेश चतुर्वेदी ने इस सहायता से एक ई-रिक्शा खरीदी और उसे चलाकर आजीविका का साधन शुरू किया। अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो गई हैं।
दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने न केवल उन्हें आर्थिक सहयोग दिया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस योजना ने कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
राज्य सरकार का मानना है कि ऐसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इससे महिलाओं की सामाजिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ परिवार और समाज के विकास में भी सकारात्मक योगदान मिल रहा है।