कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक कल्याण के लिए 31 से अधिक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ तभी मिल सकेगा, जब श्रमिक भाई-बहन इनके प्रति जागरूक होंगे। उन्होंने कहा कि श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यही है कि श्रमिकों को योजनाओं की सही जानकारी मिले और वे समय पर आवेदन कर लाभ प्राप्त करें। उन्होंने इस पहल को श्रमिक हित में अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में चार नए लेबर कोड लागू करने का निर्णय श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि देश की लगभग 45 प्रतिशत आबादी असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है और इनके विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।
उन्होंने चारों नए श्रम संहिताओं—मजदूरी संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता 2020 तथा औद्योगिक संबंध संहिता 2020—के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि अब राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा, जिससे कम वेतन निर्धारण की संभावना समाप्त होगी। साथ ही श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, भविष्य निधि जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया गया है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और श्रमिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु प्रेरित करें।
नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने कहा कि प्रदेश के विकास और निर्माण कार्यों में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके कल्याण के लिए राज्य शासन लगातार प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम में हितग्राहियों से सीधा संवाद भी किया गया। कंचन वर्मा ने बताया कि उन्हें नोनी सुरक्षा योजना का लाभ मिला, जिससे वे कॉलेज की पढ़ाई कर पा रही हैं। सियान सहायता योजना के हितग्राही भगवान दत्त ने बताया कि 60 वर्ष पूर्ण होने पर मिली सहायता राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली। वहीं दीप्ति विश्वकर्मा ने नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से लाभ मिलने पर शासन के प्रति आभार जताया।
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत जिले की 113 महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की सहायता देकर कुल 22.60 लाख रुपये वितरित किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना में 918 बच्चों को 19.43 लाख, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना में 97 बुजुर्ग श्रमिकों को 19.40 लाख, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना में 89 बालिकाओं को 17.80 लाख, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 14 लाख तथा असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 11 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।
कार्यक्रम के माध्यम से श्रमिकों को न केवल आर्थिक संबल मिला, बल्कि उन्हें शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी की गई।