चौपाल के दौरान अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत आवासों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निर्माणाधीन एवं लंबित आवासों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों के आवास 15 मार्च की निर्धारित समय-सीमा तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष बल दिया।
आवास चौपाल के दौरान बोरझा ने मौके पर उपस्थित हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने प्रत्येक परिवार से यह जानने का प्रयास किया कि आवास निर्माण में उन्हें किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जैसे—निर्माण सामग्री की उपलब्धता, श्रमिकों की कमी, तकनीकी मार्गदर्शन, या भुगतान संबंधी दिक्कतें। हितग्राहियों द्वारा बताई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी आवास योजनाओं का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी हितग्राही को तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की परेशानी होती है, तो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवास निर्माण की सतत निगरानी की जाए, प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से संकलित की जाए और जिन प्रकरणों में कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां विशेष ध्यान देकर निर्माण कार्य को गति प्रदान की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण में निर्धारित मानकों और तकनीकी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन हो।
चौपाल के दौरान हितग्राहियों को आवास निर्माण से संबंधित आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। उन्हें बताया गया कि नींव, दीवार, छत और जल निकासी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखना क्यों आवश्यक है और किस प्रकार से छोटे-छोटे तकनीकी उपाय भविष्य में होने वाली समस्याओं से बचा सकते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम में एडीईओ, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र सहित बड़ी संख्या में आवास हितग्राही उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि ग्राम पंचायत भैंसामुण्डा में स्वीकृत सभी आवास समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर पात्र परिवारों को शीघ्र लाभ दिलाया जाएगा।
आवास चौपाल के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे न केवल समस्याओं का वास्तविक आकलन संभव हो सका, बल्कि आवास योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल भी हुई।