जनरल परेड के दौरान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल द्वारा उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों की वेशभूषा का निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर रायपुर अमित तुकाराम कांबले के निर्देशन में दंगों जैसी परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था स्थापित करने हेतु बलवा ड्रिल का प्रभावी पूर्वाभ्यास कराया गया।
अभ्यास के दौरान परेड में सम्मिलित बल की विभिन्न पार्टियाँ गठित की गईं, जिनमें प्रदर्शनकारी दल, कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं सहायक दल, अश्रुगैस पार्टी, केन पार्टी, लाठी पार्टी, रिजर्व पार्टी, गिरफ्तारी पार्टी, राइफल पार्टी, प्राथमिक उपचार पार्टी, रिपोर्टर दल, फोटोग्राफर तथा पुलिस मुखबिर दल शामिल रहे। सभी पार्टियों ने आपसी समन्वय एवं अनुशासन के साथ दंगा नियंत्रण की प्रक्रिया का अभ्यास करते हुए ड्रिल का प्रदर्शन किया।
ड्रिल के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-01 (क्राइम एवं साइबर) गौरव मंडल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) आकाश मरकाम, सहायक पुलिस कमिश्नर राजेंद्र नगर नवनीत पाटिल, सहायक पुलिस कमिश्नर लाईन रायपुर नीलेश कुमार द्विवेदी तथा रक्षित निरीक्षक अनीश सारथी द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उग्र भीड़ की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों, सतर्कता एवं कर्तव्यों के निर्वहन को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही नवीन आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में वर्णित प्रासंगिक धाराओं और वैधानिक प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल ने अभ्यास के दौरान बल के नेतृत्व, तत्परता एवं दक्षता पर संतोष व्यक्त करते हुए ड्रिल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उत्कृष्ट वेशभूषा धारण करने वाले अधिकारियों एवं जवानों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया, जबकि निर्धारित मानकों के अनुरूप वेशभूषा न पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी भी दी गई।
इसके उपरांत पुलिस लाईन परेड ग्राउंड में ओ.आर. पेशी लेकर लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया।
इस जनरल परेड एवं बलवा ड्रिल अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के व्यावसायिक ज्ञान, समन्वय क्षमता तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया कौशल का विकास करना रहा। इस अभ्यास में जिला रायपुर के राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारी, कर्मचारी तथा प्रशिक्षु महिला एवं पुरुष आरक्षक सहित कुल 530 अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित हुए।