यह प्रदर्शन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय आह्वान के तहत आयोजित किया गया, जिसमें ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लाड़कुई सहित भैरूंदा क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर रोष व्यक्त किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल कफ सिरप से हुई मौतों के मामले में जिम्मेदार हैं और अब तक इस पूरे प्रकरण में ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की संवेदनहीनता उजागर हुई है और जवाबदेही तय करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं नगरीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए कांग्रेस नेताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर दूषित जल से हुई मौतों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर खराब और प्रदूषित पेयजल आपूर्ति के कारण आम नागरिकों की जान जा रही है, लेकिन जिम्मेदार मंत्री मौन हैं और प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बनी हुई है।
इसके अतिरिक्त, मंत्री विजय शाह पर सेना और महिलाओं को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी का मुद्दा भी विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों से मर्यादित और जिम्मेदार भाषा की अपेक्षा होती है, लेकिन बार-बार विवादित बयान देकर समाज को गलत संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और विपक्ष के नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करना सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनसे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि कफ सिरप, दूषित पानी और महिलाओं व सेना से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की चुप्पी आम जनता के प्रति उसकी उदासीनता को दर्शाती है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक इन मामलों में जिम्मेदार मंत्रियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक प्रदेश भर में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर और भी व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने तथा प्रदेश सरकार से तीनों मंत्रियों को तत्काल पद से हटाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।