फाइनल मुकाबले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की टीम ने दक्षिण मध्य रेलवे को 32-29 के अंतर से पराजित करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मुकाबला अत्यंत रोमांचक रहा और दोनों टीमों के बीच शुरू से अंत तक कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंतिम क्षणों में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की खिलाड़ियों ने बेहतरीन रणनीति, मजबूत डिफेंस और सटीक आक्रमण के दम पर जीत सुनिश्चित की।
इससे पूर्व सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महिला टीम ने उत्तर पूर्व रेलवे को 28-26 के करीबी स्कोर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। लगातार दो कठिन मुकाबलों में टीम के खिलाड़ियों ने मानसिक संतुलन और खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
यह स्वर्ण पदक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले चार वर्षों से टीम ऑल इंडिया स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और चार बार कांस्य पदक जीत चुकी थी। लंबे समय से किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम इस वर्ष स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है। टीम ने अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए पहली बार ‘चैंपियन’ बनने का गौरव प्राप्त किया।
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रबंधन की खेलों के प्रति सकारात्मक सोच और खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई गई आधुनिक सुविधाएं भी महत्वपूर्ण रही हैं। वर्ष 2021 से खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था, नई नियुक्तियां और नियमित अभ्यास सत्रों ने टीम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
इस शानदार उपलब्धि पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, अपर महाप्रबंधक विजय कुमार साहू, अध्यक्ष/सेक्रसा मनीष अग्रवाल, महासचिव/सेक्रसा हेमेन्द्र कुमार, संयुक्त महासचिव/सेक्रसा समीर कान्त माथुर तथा संरक्षक अधिकारी/सेक्रसा तन्मय महेश्वरी सहित सेक्रसा परिवार के सभी सदस्यों ने टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महिला हैंडबॉल टीम की यह उपलब्धि न केवल संगठन के लिए गर्व का विषय है, बल्कि महिला खिलाड़ियों के सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और खेल भावना के प्रति समर्पण का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। यह जीत आने वाले वर्षों में युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देगी और रेलवे खेल जगत में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पहचान को और सुदृढ़ करेगी।