शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ में निबंध प्रतियोगिता में आराधना साहू ने हासिल किया तीसरा स्थान, परिवार और कॉलेज का बढ़ाया मान
शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के कुल उत्सव कार्यक्रम में जांजगीर की छात्रा आराधना साहू ने ‘विकसित भारत विजन 2047’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. हितेश पाण्डेय, जांजगीर। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ में आयोजित कुल उत्सव कार्यक्रम के दौरान जांजगीर की प्रतिभावान छात्रा आराधना साहू ने निबंध प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले और महाविद्यालय का नाम रोशन किया है। आराधना शासकीय जाजल्देव कन्या महाविद्यालय जांजगीर में एम.एससी. की छात्रा हैं और उन्होंने “विकसित भारत विजन 2047” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
8 नवम्बर को आयोजित इस वार्षिक कुल उत्सव में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया की अध्यक्षता में भव्य कार्यक्रम हुआ, जिसमें प्रदेशभर के महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्रोफेसर, जनप्रतिनिधि और विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में निबंध, भाषण, चित्रकला और लोक नृत्य सहित चार प्रमुख विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं।
आराधना साहू ने विश्वविद्यालय स्तर पर हुई निबंध प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर उन्हें विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पटेरिया और जनप्रतिनिधियों ने प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने आराधना के आत्मविश्वास और विचारशीलता की सराहना की।
आराधना ग्राम देवलापाठ (जिला कोरबा) की निवासी हैं और भाजपा नेता झामलाल साहू की भतीजी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को दिया। आराधना ने कहा कि “विकसित भारत विजन 2047” पर लेखन के दौरान उन्होंने भारत के भविष्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी विकास के मुद्दों को अपने निबंध में समाहित किया।
महाविद्यालय प्राचार्य एवं प्राध्यापकों ने भी आराधना की सफलता पर गर्व जताया और कहा कि यह उपलब्धि अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
कुल उत्सव कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की परंपरा और कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में कुलपति डॉ. पटेरिया ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करती हैं।
आराधना की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और कॉलेज के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह विश्वविद्यालय के लिए भी सम्मान का विषय बन गई है।