धान खरीदी केंद्र में 15 लाख की गड़बड़ी, रिकॉर्ड में दर्ज धान गोदाम से गायब

दुर्ग जिले के धमधा स्थित रौंदा धान उपार्जन केंद्र में 15 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। संयुक्त जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया, जिसके बाद समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।

Jun 8, 2026 - 11:32
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धान खरीदी केंद्र में 15 लाख की गड़बड़ी, रिकॉर्ड में दर्ज धान गोदाम से गायब

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत पाल, धमधा l दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में लाखों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी उजागर होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। संयुक्त जांच टीम द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में रिकॉर्ड में दर्ज धान और वास्तविक भंडारण के बीच भारी अंतर पाया गया, जिसके बाद मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए संबंधित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जानकारी के अनुसार 29 मई को खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त टीम ने धान उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध धान और बारदानों का भौतिक सत्यापन किया गया तथा रिकॉर्ड से उसका मिलान किया गया। जांच में सामने आए तथ्यों ने अधिकारियों को भी चौंका दिया।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अभिलेखों के अनुसार समिति द्वारा कुल 73 हजार 952.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसमें से 65 हजार 657.62 क्विंटल धान मिलरों को जारी किया जा चुका था, जबकि 7 हजार 678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजे जाने का उल्लेख रिकॉर्ड में दर्ज था। इस गणना के आधार पर केंद्र में 617.08 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था।

हालांकि जब जांच दल ने गोदाम का भौतिक सत्यापन किया तो वहां केवल 142 कट्टों में रखा 56.80 क्विंटल सरना धान ही मौजूद मिला। इस प्रकार रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच 560.28 क्विंटल धान की कमी पाई गई। यह अंतर वित्तीय दृष्टि से बेहद गंभीर माना जा रहा है।

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार उपलब्ध होने वाले 2103 नए बारदाने भी मौके पर नहीं मिले। धान और बारदानों की कुल कमी का मूल्यांकन 15 लाख 8 हजार 161 रुपये किया गया है। इतनी बड़ी राशि की अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी।

जांच टीम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धमधा शाखा के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग और सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल रहे। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर पूरे प्रकरण का दस्तावेजीकरण किया।

प्रारंभिक जांच में मामले को सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक धन से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया है। इसके आधार पर संबंधित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि धान और बारदानों की कमी प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है या फिर यह सुनियोजित गबन का मामला है।

इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य धान उपार्जन समितियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि धान खरीदी, भंडारण और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसे आकस्मिक निरीक्षण किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक धन और किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।