बसीबार पंचायत में वित्तीय अनियमितता के आरोप, उपसरपंच और ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के अधिकार रोकने की मांग की

कोरबा जिले के बसीबार ग्राम पंचायत में उपसरपंच और ग्रामीणों ने सरपंच पर 15वें वित्त आयोग की राशि में अनियमितता और शासकीय धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम पाली को ज्ञापन सौंपकर जांच पूरी होने तक सरपंच और सचिव के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

Jun 2, 2026 - 11:53
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बसीबार पंचायत में वित्तीय अनियमितता के आरोप, उपसरपंच और ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के अधिकार रोकने की मांग की

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बसीबार में कथित वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग को लेकर विवाद गहरा गया है। पंचायत के उपसरपंच और ग्रामीणों के एक समूह ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पाली को ज्ञापन सौंपकर सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक सरपंच तथा सचिव के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने की मांग की है।

उपसरपंच देवेंद्र कुमार और ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में नाली निर्माण कार्य के नाम पर 15वें वित्त आयोग की राशि से लगभग दो लाख रुपये का आहरण किया गया, जबकि संबंधित कार्य पूर्व सरपंच के कार्यकाल में ही स्वीकृत और आंशिक रूप से पूर्ण हो चुका था। शिकायत के अनुसार तत्कालीन सरपंच द्वारा इस कार्य के लिए पहले ही राशि निकाली जा चुकी थी और नाली निर्माण के लिए नींव खुदाई भी कराई जा चुकी थी। इसके बावजूद उसी कार्य को नया दर्शाकर दोबारा राशि खर्च किए जाने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्राम में निर्मित हो रहे पीडीएस भवन में निर्धारित मानकों के विपरीत लाल ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा पंचायत के दैनिक कार्यों में सरपंच पति के हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े कई निर्णय निर्वाचित पंचों को विश्वास में लिए बिना लिए जा रहे हैं और प्रस्तावों के पारित होने की प्रक्रिया में भी अनियमितताएं बरती जा रही हैं।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन के दौरान हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम चावल वितरित किया जाता है। साथ ही पूर्व में भी कथित रूप से फर्जी प्रस्तावों के आधार पर निर्माण कार्यों की राशि निकाले जाने की बात कही गई है। ज्ञापन में इन सभी मामलों की विस्तृत जांच की मांग की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम पाली रोहित सिंह ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत बसीबार से संबंधित शिकायत को जांच के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को भेजा गया है। सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि वित्तीय अनियमितता या शासकीय धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत में पेयजल स्रोतों और सीसी रोड निर्माण जैसे कई पुराने कार्यों को नया बताकर 15वें वित्त आयोग की राशि खर्च की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई निर्माण कार्य केवल कागजों में दिखाए गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई नया कार्य नहीं हुआ है।

फिलहाल प्रशासनिक जांच शुरू हो चुकी है और अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। वहीं दूसरी ओर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।