गुरुवार को स्थानीय गैस एजेंसी परिसर में आयोजित एक सादे लेकिन गरिमामय कार्यक्रम में वार्ड की 11 चिन्हित पात्र महिलाओं को एलपीजी गैस कनेक्शन, चूल्हा तथा आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान पार्षद स्वप्निल सिन्हा स्वयं उपस्थित रहे और लाभार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को भी जाना।
इस अवसर पर पार्षद स्वप्निल सिन्हा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आमाखेरवा, टीवी टॉवर रोड और केंवट मोहल्ला क्षेत्र की महिलाओं को लकड़ी और कोयले के धुएँ से होने वाली बीमारियों से परेशान देख वे लगातार प्रयास कर रहे थे कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाया जाए।
उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य यही है कि शासन की योजनाएँ सिर्फ कागजों में न रहें, बल्कि हर जरूरतमंद तक पहुँचें। यह केवल शुरुआत है, आगे भी हर पात्र परिवार को उसका अधिकार दिलाया जाएगा।”
गैस कनेक्शन मिलने के बाद महिलाओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। लाभार्थी किरण यादव और गीता चौहान ने भावुक होते हुए बताया कि बरसात के मौसम में गीली लकड़ियों से चूल्हा जलाना किसी सजा से कम नहीं था। धुएँ से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ रोज की समस्या बन गई थी।
महिलाओं ने कहा कि पार्षद स्वप्निल सिन्हा के सहयोग से अब उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है। गैस चूल्हा मिलने से न केवल खाना बनाना आसान होगा, बल्कि बच्चों और परिवार की सेहत भी बेहतर रह सकेगी। उन्होंने इसे अपनी रसोई और जीवन दोनों के लिए बड़ा बदलाव बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड 22 में पहली बार इस तरह योजनाबद्ध तरीके से पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया गया है। इससे क्षेत्र में शासन की योजनाओं के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।
उल्लेखनीय है कि उज्ज्वला 3.0 योजना के अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मनेन्द्रगढ़ के इस वार्ड में किया गया यह प्रयास महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि इसी तरह पार्षद स्तर पर सक्रियता बनी रही, तो आने वाले समय में वार्ड 22 को अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में भी नई पहचान मिलेगी। धुएँ से मुक्त होती रसोई और मुस्कराते चेहरे इस बात के साक्षी हैं कि जनसेवा की भावना से किया गया कार्य वास्तव में जीवन बदलने की ताकत रखता है।