पुलिस जांच के दौरान वाहन के डैशबोर्ड पर National Crime Control Org. का लोगो और पदनाम दर्शाने वाला बोर्ड लगा पाया गया। मौके पर मौजूद वाहन चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम टिकेश्वर नरेटी, पिता सगराम नरेटी, उम्र 28 वर्ष बताया। उसने स्वयं को ग्राम डांगरा, थाना दुर्गकोंदल, जिला उत्तर बस्तर कांकेर का निवासी बताया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने पास मौजूद दो आईडी कार्ड पुलिस को दिखाए। इन कार्डों पर “CRIME INVESTIGATION DEPARTMENT” एवं “CRIME INVESTIGATION DETECTIVE” अंकित था तथा स्वयं को “National Officer” बताया गया था। हालांकि, जब उससे विधिवत नोटिस देकर वैधानिक नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र अथवा किसी प्रकार का अधिकृत आदेश प्रस्तुत करने को कहा गया, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने सितंबर 2025 में कुछ कथित व्यक्तियों के माध्यम से ये फर्जी पहचान पत्र बनवाए थे। उसने यह भी बताया कि वह समय-समय पर ऑनलाइन भुगतान कर इन फर्जी कार्डों की तथाकथित “वैधता” बढ़वाता रहता था। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि वह इन कार्डों और बोर्ड का उपयोग टोल टैक्स से बचने और विभिन्न स्थानों पर लोगों पर प्रभाव जमाने के उद्देश्य से करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को अधिकारी बताकर आम नागरिकों को भ्रमित करता था और वाहन पर लगे बोर्ड तथा आईडी कार्ड के माध्यम से रौब दिखाता था, ताकि कोई उस पर सवाल न उठा सके। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी का किसी भी शासकीय या विधि प्रवर्तन एजेंसी से कोई संबंध नहीं है।
जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से निम्न सामग्री जब्त की गई—
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02 नग फर्जी आईडी कार्ड
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01 नग “NATIONAL CRIME CONTROL ORG.” लिखा हुआ बोर्ड
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01 नग स्कार्पियो वाहन (क्रमांक CG 05 AU 6136)
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01 नग मोबाइल फोन (iPhone 11 Pro – जियो सिम सहित)
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01 नग सैमसंग M12 मोबाइल (जियो एवं बीएसएनएल सिम सहित)
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार आम जनता को भ्रमित कर स्वयं को अधिकारी बताना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इससे न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि वास्तविक शासकीय एजेंसियों की छवि को भी नुकसान पहुंचता है।
फिलहाल आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी आईडी कार्ड बनाने वाले नेटवर्क से आरोपी का किस प्रकार का संपर्क था और कहीं इस तरह की गतिविधियों में अन्य लोग भी तो शामिल नहीं हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को अधिकारी बताकर संदेहास्पद गतिविधि करता दिखाई दे, तो तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।