स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फरसगांव में सहस्त्रबाहु अर्जुन जयंती पर समाज को दी शिक्षा और एकता की प्रेरणा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फरसगांव में राजेश्वर भगवान श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन जयंती कार्यक्रम में शामिल होकर समाज के लोगों से शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने बड़ेडोंगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के लिए 2.10 करोड़ रुपए की घोषणा की और दो सामाजिक भवनों के निर्माण का आश्वासन भी दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. राज पांडे, फरसगांव। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल गुरुवार को कोंडागांव जिले के फरसगांव में आयोजित बस्तर संभाग स्तरीय राज राजेश्वर भगवान श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने डड़सेना कलार समाज फरसगांव के सामाजिक भवन का लोकार्पण किया और समाज की एकजुटता तथा शिक्षा के महत्व पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माता बहादुर कलारिन और भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि “कलार समाज गौरवशाली कलचुरी वंश की पीढ़ी से है, जिसकी परंपरा, संस्कृति और योगदान अद्वितीय रहा है। हमें इस गौरव को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट होकर शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करना होगा।”
उन्होंने समाज के लोगों से अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का आग्रह करते हुए कहा कि “शिक्षा ही समाज की प्रगति का वास्तविक आधार है। शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ सकता है।”
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ेडोंगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 10 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही समाज की मांगों को ध्यान में रखते हुए उरंदाबेड़ा और इरागांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए भी आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम ने भी संबोधन देते हुए समाज की एकता और सहयोग की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब उसके सदस्य एक-दूसरे के साथ मिलकर प्रगति के मार्ग पर कार्य करते हैं।
इस मौके पर पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रशांत पात्र, कलार समाज बस्तर संभाग के अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम गजेन्द्र, उपाध्यक्ष श्री सुरेंद्र नेगी, श्री रवि घोष, श्री सोनीलाल जैन, श्री देवकुमार जैन, श्री केदार जैन, श्रीमती भगवती जैन, श्री नीलकंठ शार्दूल सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
श्री जायसवाल ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि “बस्तर का समाज अपनी संस्कृति, परंपरा और एकता के लिए जाना जाता है। यदि हम शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में मिलकर कार्य करें, तो समाज और प्रदेश दोनों का भविष्य उज्ज्वल होगा।”