अवैध रेत खनन मामले में तहसीलदार नीलम पिस्दा पर दबाव बनाने का आरोप, कथित यूट्यूबर पत्रकारों पर उठे सवाल
बिलासपुर जिले के पचपेड़ी क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर तहसीलदार नीलम पिस्दा पर कुछ कथित यूट्यूबर पत्रकारों द्वारा दबाव बनाने और बदनाम करने के आरोप सामने आए हैं। तहसीलदार ने आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की बात कही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध रेत खनन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पचपेड़ी की तहसीलदार नीलम पिस्दा पर कुछ कथित यूट्यूबर पत्रकारों द्वारा अनावश्यक दबाव बनाने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में यह भी कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह प्रचारित किया जा रहा है कि शिवनाथ नदी क्षेत्र में उनके संरक्षण में अवैध रेत खनन हो रहा है।
तहसीलदार नीलम पिस्दा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि जब-जब स्वयं को पत्रकार बताने वाले कुछ लोगों द्वारा उन्हें फोन के माध्यम से अवैध खनन की सूचना दी गई, उन्होंने हर बार तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित स्थानों पर जांच टीम भेजी। लेकिन बार-बार की गई जांच में कहीं भी अवैध रेत खनन की पुष्टि नहीं हुई।
तहसीलदार के अनुसार, रूपचंद राय और मिथलेश साहू नामक दो व्यक्ति, जो स्वयं को पत्रकार बताते हैं, लगातार मोबाइल कॉल कर शिकायतें करते रहे। उनकी सूचनाओं के आधार पर प्रशासन ने मौके पर जांच कराई, परंतु किसी भी स्थान पर अवैध गतिविधि नहीं पाई गई। इसके बावजूद उनके द्वारा लगातार दबाव बनाने और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
नीलम पिस्दा ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन अवैध रेत खनन को लेकर पूरी तरह सतर्क और गंभीर है। यदि भविष्य में कहीं भी अवैध खनन का मामला सामने आता है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी अवैध गतिविधि को संरक्षण देने का सवाल ही नहीं उठता।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि क्षेत्र में अवैध खनन भलौनी गांव के सरपंच के संरक्षण में होने की चर्चा है, लेकिन इसके बावजूद निशाना तहसीलदार को बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी ईमानदार और सख्त कार्यशैली के कारण कुछ स्वार्थी तत्व उनके खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
तहसीलदार नीलम पिस्दा ने यह भी संकेत दिए हैं कि उनके खिलाफ दबाव और बदनाम करने की कोशिश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार उच्च अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि सच्चाई सामने आए और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।