किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, अधिक कीमत पर खाद बेचने पर कृषि केंद्र सील

बलौदाबाजार जिले में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कृषि केंद्र को सील कर दिया। जांच के दौरान डीएपी खाद निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर 47.84 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त किया गया।

Jun 13, 2026 - 12:53
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किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, अधिक कीमत पर खाद बेचने पर कृषि केंद्र सील

UNITED NEWS OF ASIA. बलौदाबाजार l बलौदाबाजार जिले में किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। करही बाजार स्थित एक कृषि केंद्र में खाद की कथित कालाबाजारी और स्टॉक में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने केंद्र को सील कर दिया तथा बड़ी मात्रा में उर्वरक जब्त किया है।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर कृषि विभाग जिलेभर में उर्वरक विक्रेताओं की जांच कर रहा है। इसी क्रम में उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक ने एक स्थानीय किसान के साथ सामान्य किसान बनकर करही बाजार स्थित कृषि केंद्र का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान किसान द्वारा दो बोरी डीएपी खाद की मांग की गई। आरोप है कि कृषि केंद्र संचालक कृष्ण कुमार देवांगन ने निर्धारित मूल्य 1350 रुपये प्रति बोरी के स्थान पर 2700 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद बेची। इस प्रकार दो बोरी खाद के लिए कुल 5400 रुपये वसूले गए। आरोप यह भी है कि खाद बिक्री का बिल नहीं दिया गया और ग्राहक को किसी को जानकारी न देने की सलाह दी गई।

सूचना मिलते ही पहले से निगरानी कर रही जिला स्तरीय निरीक्षण टीम मौके पर पहुंची और कृषि केंद्र की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक और वास्तविक भंडारण में बड़ा अंतर पाया गया। इसके अलावा केंद्र में यूरिया और टीएसपी उर्वरक का स्टॉक भी मिला, जिसकी जानकारी संबंधित रिकॉर्ड और मशीन में दर्ज नहीं थी।

अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में इसे उर्वरक वितरण प्रणाली के नियमों तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन माना। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचना और स्टॉक का सही विवरण दर्ज नहीं करना गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।

कार्रवाई के दौरान कृषि केंद्र में उपलब्ध लगभग 47.84 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त किया गया। जब्त उर्वरक की अनुमानित कीमत 11 लाख 9 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। विभाग ने पूरे स्टॉक को अपने नियंत्रण में लेकर कृषि केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत वसूली के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय हमेशा बिल लें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल प्रशासन या कृषि विभाग को दें।

यह कार्रवाई जिले में खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और किसानों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।