केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण को मिली रफ्तार, 308 करोड़ की परियोजना का कार्यादेश जारी

बस्तर क्षेत्र की महत्वपूर्ण केशकाल घाट फोरलेन बायपास परियोजना को लेकर लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया है। 308 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 11.38 किलोमीटर लंबे बायपास से रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर यातायात सुगम होगा।

Jun 13, 2026 - 12:59
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केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण को मिली रफ्तार, 308 करोड़ की परियोजना का कार्यादेश जारी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बस्तर संभाग की बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर प्रस्तावित केशकाल घाट बायपास निर्माण के लिए चयनित एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया है। इस परियोजना के पूरा होने से बस्तर क्षेत्र में यातायात सुविधा बेहतर होगी और यात्रियों को केशकाल घाट के घुमावदार मार्गों से काफी राहत मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की थी। 5 जून को उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बायपास मार्ग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को तेजी से पूरा करने और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए थे।

उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग ने परियोजना से संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया। इसके परिणामस्वरूप विभाग ने निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी कर परियोजना को गति प्रदान की है।

यह बायपास राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित केशकाल घाट क्षेत्र में बनाया जाएगा। परियोजना के तहत लगभग 11.38 किलोमीटर लंबा फोरलेन बायपास विकसित किया जाएगा। इस निर्माण कार्य पर लगभग 308 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। सड़क निर्माण के साथ-साथ परियोजना में दो वृहद पुल और दो मध्यम पुलों का निर्माण भी शामिल है, जिससे मार्ग की गुणवत्ता और यातायात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

अरुण साव ने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता के मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण सामग्री से लेकर तकनीकी कार्यों तक हर स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया है।

केशकाल घाट बस्तर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण प्रवेश मार्ग माना जाता है। वर्तमान में यहां का घुमावदार और पहाड़ी मार्ग भारी वाहनों तथा लंबी दूरी के यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता है। फोरलेन बायपास बनने के बाद यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगी। इससे माल परिवहन, पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण कार्य नहीं, बल्कि बस्तर के विकास और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बायपास के निर्माण से रायपुर और जगदलपुर के बीच आवागमन में सुधार होगा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर यातायात का दबाव भी कम होगा। परियोजना को बस्तर क्षेत्र के विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना पहल माना जा रहा है।