जशपुर में दो शिक्षकों को सम्मानपूर्वक विदाई, समारोह में भावुक हुआ माहौल

जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक में दो वरिष्ठ शिक्षकों अमृत राम खलखो और नारायण यादव को सेवानिवृत्ति पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। समारोह में उन्हें पीपीओ प्रदान किया गया और उनके योगदान को सराहा गया।

May 1, 2026 - 15:29
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जशपुर में दो शिक्षकों को सम्मानपूर्वक विदाई, समारोह में भावुक हुआ माहौल

UNITED NEWS OF ASIA. -योगेश यादव, जशपुर l जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड में गुरुवार को एक भावुक और सम्मानपूर्ण माहौल देखने को मिला, जब ब्लॉक शिक्षा विभाग के सभागार में दो वरिष्ठ शिक्षकों को उनके दीर्घ सेवाकाल के उपरांत विदाई दी गई। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कालिया के प्रधान पाठक अमृत राम खलखो और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिहारडांड़ के शिक्षक (एलबी) नारायण यादव शामिल रहे। दोनों शिक्षकों ने अपने लंबे सेवाकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया और हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा।

समारोह के दौरान दोनों शिक्षकों को उनके सेवा निवृत्ति लाभ के रूप में पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। जैसे ही शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए, सभागार में मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल भावुक हो उठा।

कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज की नींव होते हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक न केवल ज्ञान देता है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अमृत राम खलखो और नारायण यादव जैसे शिक्षकों का योगदान सदैव प्रेरणादायक रहेगा।

इस अवसर पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिलीप टोप्पो, लेखाकार शैलेश अम्बस्ट, प्रधान लिपिक अमृत किस्पोट्टा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही तिलक श्रीवास, मनोज बाखला और एमआईएस समन्वयक ममता शर्मा भी समारोह में शामिल हुए।

समारोह में वक्ताओं ने दोनों शिक्षकों के अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे समाज के भविष्य को गढ़ने का कार्य करते हैं।

विदाई के इस अवसर पर शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षा सेवा उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने अपने सहकर्मियों और विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और सभी को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

इस तरह यह विदाई समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह शिक्षा क्षेत्र में समर्पित जीवन जीने वाले शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भावनात्मक अवसर भी बन गया।