खैरागढ़ में सुशासन तिहार 2026 और जनगणना 2027 की तैयारी तेज, कलेक्टर ने पेश किया रोडमैप

खैरागढ़ जिले में सुशासन तिहार 2026 और जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार की है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने प्रेस वार्ता में शिविरों, जनसमस्या समाधान और डिजिटल जनगणना की विस्तृत जानकारी साझा की।

May 1, 2026 - 15:14
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खैरागढ़ में सुशासन तिहार 2026 और जनगणना 2027 की तैयारी तेज, कलेक्टर ने पेश किया रोडमैप

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन खैरागढ़ l जिले में सुशासन को मजबूत करने और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में सुशासन तिहार 2026 और जनगणना 2027 को लेकर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ये दोनों पहलें प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

प्रेस वार्ता में जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, अपर कलेक्टर सुरेंद्र ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर रेणुका रात्रे और सीएमओ पुनीत राम वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं पत्रकार मौजूद रहे।

कलेक्टर ने जानकारी दी कि सुशासन तिहार 2026 के तहत प्रशासन सीधे गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेगा। 30 अप्रैल तक जिले की 221 ग्राम पंचायतों में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के आवेदनों का संतृप्तिकरण किया जा चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो।

अभियान के तहत जिले में कुल 19 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 13 और शहरी क्षेत्रों में 6 शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर 1 मई से 10 जून 2026 के बीच आयोजित होंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।

कलेक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष 96,582 आवेदनों का सफल निराकरण किया गया था। इस वर्ष भी इसी तरह प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। शिविरों को इस बार थीम आधारित बनाया गया है, जिससे विभागवार समस्याओं का बेहतर समाधान संभव होगा। प्रत्येक शिविर के लिए एक नोडल विभाग तय किया गया है, जिससे समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण किया जाएगा। साथ ही आवेदकों को उनकी शिकायत की स्थिति की जानकारी देना अनिवार्य होगा। पूरे अभियान की सतत निगरानी की जाएगी और वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर फील्ड विजिट कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे।

प्रेस वार्ता में जनगणना 2027 की तैयारियों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टर ने बताया कि जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे।

जिले में इस कार्य के लिए 696 प्रगणक और 117 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, साथ ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त रिजर्व बल भी रखा गया है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें HLO ऐप का उपयोग किया जाएगा। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी और डेटा की सटीकता बढ़ेगी।

कलेक्टर ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं है, बल्कि यह विकास योजनाओं की आधारशिला है। इसके आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाई जाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही जानकारी दें और प्रशासन के इस कार्य में सहयोग करें।

कुल मिलाकर, सुशासन तिहार और जनगणना 2027 के माध्यम से प्रशासन जिले में विकास को नई दिशा देने और जनता के साथ विश्वास को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।