कोयलांचल चिरमिरी में अवैध महुआ शराब का बोलबाला, पुलिस सख्त लेकिन आबकारी विभाग की रहस्यमयी चुप्पी
चिरमिरी कोयलांचल क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन आबकारी विभाग की निष्क्रियता और चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, कोरिया | MCB। कोयलांचल क्षेत्र चिरमिरी में इन दिनों अवैध महुआ शराब का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। शहर के लगभग हर वार्ड, मोहल्ले और गली-कूचों में खुलेआम महुआ शराब की बिक्री हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यह अवैध धंधा अब सामाजिक, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जहां एक ओर चिरमिरी पुलिस लगातार अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस पर नियंत्रण की मुख्य जिम्मेदारी निभाने वाला आबकारी विभाग पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। आबकारी विभाग की यह निष्क्रियता आम जनता के बीच चर्चा और संदेह का विषय बन गई है।
चिरमिरी थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के ठिकानों पर दबिश देकर शराब जब्त की जा रही है और आरोपियों पर कार्रवाई भी हो रही है। पुलिस की इस सक्रियता से शराब माफियाओं में डर तो बना है, लेकिन विभागीय समन्वय के अभाव में यह कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है।
नियमों के अनुसार अवैध शराब की रोकथाम और नियंत्रण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से आबकारी विभाग की होती है। इसके बावजूद चिरमिरी में आबकारी अमले की मौजूदगी नगण्य दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार निचले स्तर पर कुछ अधिकारियों और शराब माफियाओं के बीच कथित साठगांठ के चलते ही यह अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात स्वयं कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध महुआ शराब की बिक्री से न केवल युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, बल्कि कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट से भी जूझ रहे हैं। साथ ही, मिलावटी और कच्ची शराब से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं।
अब जनता प्रशासन से यह जानना चाहती है कि जब पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर सकती है, तो आबकारी विभाग मैदान से गायब क्यों है? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर किसी बड़े संरक्षण की ओर इशारा करती है? यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह अवैध धंधा चिरमिरी की सामाजिक व्यवस्था को गहरी चोट पहुंचा सकता है।