यह आयोजन Tribal Research and Training Institute परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिम जाति विकास विभाग द्वारा भारत सरकार के Ministry of Tribal Affairs के सहयोग से किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी विभाग के प्रमुख सचिव Sonmani Bora और संस्थान की संचालक Heena Animesh Netam ने पत्रकारवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि यह आयोजन Vishnu Deo Sai की परिकल्पना और निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। वहीं आदिम जाति विकास मंत्री Ramvichar Netam के मार्गदर्शन में विभाग कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा हुआ है।
पहली बार एक मंच पर 43 जनजातियों की वेशभूषा
‘आदि परिधान जनजातीय अटायर शो’ इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। यह कार्यक्रम 13 मार्च को सुबह 10:30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
इन परिधानों को प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हस्तनिर्मित वस्त्रों से तैयार किया गया है, जो जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ उनके सह-अस्तित्व को दर्शाते हैं। इस अटायर शो में भाग लेने के लिए करीब 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।
‘आदि रंग’ में चित्रकला से दिखेगा जल-जंगल-जमीन का संदेश
कार्यक्रम के तहत “आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव” का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे।
चित्रकला प्रतियोगिता दो आयु वर्गों – 18 से 30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु – में आयोजित होगी। दोनों श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिया जाएगा। इसके अलावा दोनों वर्गों में 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।
‘आदि हाट’ में मिलेगा जनजातीय हस्तशिल्प और पारंपरिक स्वाद
आदि परब के दौरान “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। मेले में 14 स्वसहायता समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे।
यूपीएससी में चयनित युवाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों Diamond Singh Dhruv और Ankit Sakani को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही ‘प्रयास’ संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।
‘आदि परब-2026’ के माध्यम से राज्य की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और कला को व्यापक पहचान देने के साथ ही जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।