गरियाबंद में शिवसेना का शक्ति प्रदर्शन: प्रदेश महासचिव संजय नाग का भव्य स्वागत, बाइक रैली के साथ कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

गरियाबंद में शिवसेना प्रदेश महासचिव संजय नाग के आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर 7 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की।

Apr 10, 2026 - 19:56
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गरियाबंद में शिवसेना का शक्ति प्रदर्शन: प्रदेश महासचिव संजय नाग का भव्य स्वागत, बाइक रैली के साथ कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल ,गरियाबंद। गरियाबंद जिले में शिवसेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए जनहित के मुद्दों को लेकर बड़ा आयोजन किया। प्रदेश महासचिव संजय नाग के आगमन पर तिरंगा चौक में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और नारों के साथ जोरदार अभिनंदन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम का नेतृत्व युवा सेना नेता बिट्टू साहू ने किया। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अनुशासित और संगठित तरीके से कार्यक्रम को सफल बनाया। स्वागत कार्यक्रम के बाद तिरंगा चौक से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जनजागरण का संदेश देती रही।

बाइक रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सामाजिक और जनहित के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की। इस आयोजन ने न केवल शिवसेना की संगठनात्मक शक्ति को दर्शाया, बल्कि जनता के मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाने का भी एक सशक्त माध्यम बना।

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जिले की कई गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने, अवैध रेत खनन और खदानों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

इसके अलावा ज्ञापन में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने, जिले में बढ़ रहे अवैध नशा कारोबार पर रोक लगाने और सुपेबेड़ा क्षेत्र में दूषित पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी शामिल थी। शिवसेना ने भूतेश्वर नाथ मंदिर के लिए ट्रस्ट गठन और स्कूलों के आसपास संचालित शराब दुकानों को हटाने की भी मांग की।

संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो शिवसेना उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित के मुद्दों को लेकर है और इसमें आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है।

इस पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। आयोजन के दौरान अनुशासन और संगठन की एकता स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिसने इसे एक सफल कार्यक्रम बना दिया।

कुल मिलाकर, गरियाबंद में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल शिवसेना की ताकत का प्रदर्शन रहा, बल्कि जिले की जमीनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी साबित हुआ। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और जनता को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।