गरियाबंद के शोभा में यातायात व साइबर सुरक्षा शिविर, 250 युवाओं ने लर्निंग लाइसेंस के लिए किया आवेदन

गरियाबंद जिले के शोभा थाना क्षेत्र में आयोजित जन-जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान 250 युवाओं ने लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन भी किया।

Apr 10, 2026 - 20:00
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गरियाबंद के शोभा में यातायात व साइबर सुरक्षा शिविर, 250 युवाओं ने लर्निंग लाइसेंस के लिए किया आवेदन

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद। गरियाबंद जिले के थाना शोभा क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम कन्या आश्रम परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया।

इस शिविर का मुख्य फोकस बढ़ते सड़क हादसों को रोकना और डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति लोगों को सतर्क करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

कार्यक्रम में एसडीओपी मैनपुर ओ.पी. कुजूर, थाना प्रभारी शोभा ज्ञानेष्वर सिंह गंगवाल, यातायात प्रभारी रामाधार मरकाम सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया और उनके सवालों के जवाब भी दिए।

साइबर सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने विशेष रूप से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन लेनदेन के दौरान धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

इस शिविर का एक अहम हिस्सा लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया भी रहा। परिवहन विभाग द्वारा मौके पर ही आवेदन लिए गए, जिसमें कुल 250 युवाओं ने लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। अधिकारियों ने आवेदकों के दस्तावेजों की जांच कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें न केवल सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता है, बल्कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होते हैं। खासकर साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों से जुड़ी जानकारी उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुई।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन के इस प्रयास को सराहा और भविष्य में भी इस तरह के शिविरों के आयोजन की आवश्यकता बताई।

कुल मिलाकर, यह जन-जागरूकता शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुआ, जहां उन्हें एक ही मंच पर यातायात नियमों, साइबर सुरक्षा और सरकारी सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। इस तरह के प्रयास न केवल लोगों को जागरूक बनाते हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।