जानकारी के अनुसार, घरवालों ने पहले दिन ही सांप को बचाने के उद्देश्य से कुएं में बाल्टी और रस्सी लटका दी थी, ताकि वह स्वयं बाहर निकल सके। लेकिन अगले दिन सुबह जब देखा गया तो सांप अब भी पानी में तैरता मिला। परिवार को समझ आ गया कि अब स्वयं के प्रयास से उसे निकालना संभव नहीं है। इसके बाद तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने मामले की जानकारी कटघोरा वन मंडल के डीएफओ कुमार निशांत को दी। डीएफओ के मार्गदर्शन में रेस्क्यू टीम सुबह लगभग 6 बजे 34 किलोमीटर का सफर तय कर हरदीबाज़ार गांव पहुंची।
गांव पहुंचने के बाद तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब आधे घंटे तक चले ऑपरेशन में बाल्टी की सहायता से सांप को धीरे-धीरे ऊपर लाया गया और सुरक्षित तरीके से विशेष थैले में रखा गया। रेस्क्यू पूरा होते ही घर के सदस्यों और आसपास मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने बताया कि यह सांप “अहिराज” यानी Banded Krait प्रजाति का है, जो अत्यंत विषैला होने के बावजूद स्वभाव से शांत होता है। यह अन्य छोटे सांपों को खाकर उनकी संख्या को नियंत्रित करता है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में इसकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि लोगों में डर के कारण ऐसे सांपों को अक्सर नुकसान पहुंचा दिया जाता है, जबकि वास्तव में यह जैव विविधता के लिए बेहद जरूरी जीव हैं।
सफल रेस्क्यू के बाद नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया और सांप को सुरक्षित वाहन के माध्यम से उसके प्राकृतिक रहवास वाले जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि वह बिना किसी खतरे के अपने प्राकृतिक वातावरण में रह सके।
इस अवसर पर डीएफओ कुमार निशांत ने आम नागरिकों के लिए संदेश देते हुए कहा कि वन्य जीव हमारे पर्यावरण और जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। Banded Krait (अहिराज) जैसे दुर्लभ जीव हमारी जैव-विविधता की अमूल्य धरोहर हैं। यह प्राणी मनुष्य को नुकसान पहुंचाने के बजाय प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में सहयोग करते हैं। यदि कोई वन्य जीव गलती से घर या आसपास के क्षेत्र में आ जाए तो घबराएं नहीं, न ही उसे मारने का प्रयास करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
गौरतलब है कि Banded Krait (अहिराज) को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-2 में संरक्षित प्रजाति के रूप में शामिल किया गया है। इस प्रजाति को मारना, पकड़ना, बेचने का प्रयास करना या किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।