आरंग में युवक से मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी मामले में सतनामी समाज में आक्रोश, एफआईआर दर्ज

आरंग थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ कथित गौरक्षकों द्वारा मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और वीडियो वायरल करने के मामले में सतनामी समाज में भारी आक्रोश है। समाज के सैकड़ों लोग थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने विभिन्न धाराओं एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

May 17, 2026 - 18:25
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आरंग में युवक से मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी मामले में सतनामी समाज में आक्रोश, एफआईआर दर्ज

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ कथित गौरक्षकों द्वारा मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में सतनामी समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और ग्रामीण थाना आरंग पहुंचे तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

जानकारी के अनुसार ग्राम गुदगुदा निवासी बालकुमार कुर्रे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके घर में कई गाय और भैंस पाले गए हैं। उन्होंने बताया कि 8 मई की रात चराई के बाद कुछ पशु वापस नहीं लौटे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव के नाले के पास कुछ लोगों ने पशुओं को पकड़ रखा है। सूचना मिलने पर वे अपने पशुओं की पहचान करने मौके पर पहुंचे।

पीड़ित का आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने बिना किसी जांच और सत्यापन के उन्हें गौ-तस्कर समझ लिया। इस दौरान गोल्डी शर्मा, अभिजीत शर्मा और विजय अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सामान्य बातचीत के दौरान “जानवर” शब्द का उपयोग करने पर आरोपियों ने जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

बालकुमार कुर्रे ने आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। साथ ही पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया गया, जिससे उनकी और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। घटना के बाद परिवार मानसिक रूप से आहत बताया जा रहा है।

मामले की जानकारी मिलते ही सतनामी society के लोग बड़ी संख्या में थाना आरंग पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गौ रक्षा के नाम पर कानून को अपने हाथ में लेकर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। समाज के नेताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटना बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान परमानंद जांगड़े, संजय चेलक, पिंटू कुर्रे, रेखलाल पात्रे, राधा कृष्ण टंडन, सतेंद्र चेलक, दिवाकर जांगड़े, शेखर नारंग सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।

सीएसपी अभिषेक झा ने समाज के लोगों और पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं सतनामी समाज ने मांग की है कि वायरल वीडियो की जांच कर उसे हटाया जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।