कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज: कोण्डापल्ली स्कूल पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर ग्राम कोण्डापल्ली के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों और शिक्षकों से संवाद किया तथा शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एक छात्र द्वारा डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त करने पर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। यह दृश्य बदलते बस्तर और नई पीढ़ी के सपनों की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।

Jun 2, 2026 - 17:59
 0  3
कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज: कोण्डापल्ली स्कूल पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

UNITED NEWS OF ASIA. पी सतीश कुमार, बीजापुर l बीजापुर जिले का सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली कभी नक्सल हिंसा और भय के माहौल के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यह गांव विकास, शिक्षा और नई उम्मीदों की पहचान बनता जा रहा है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जब कोण्डापल्ली के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे, तो वहां का वातावरण बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय का निरीक्षण कर वहां अध्ययनरत बच्चों और शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा उन्हें बताया गया कि स्कूल में वर्तमान में 56 छात्र अध्ययनरत हैं तथा यहां 3 शिक्षक पदस्थ हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ली तथा बच्चों के शैक्षणिक अनुभवों के बारे में भी चर्चा की।

बच्चों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या उन्हें स्कूल में यूनिफॉर्म, कॉपी, किताबें और पेन जैसी आवश्यक सामग्री नियमित रूप से मिल रही है। इस पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्हें सभी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जा रही है। बच्चों के सकारात्मक जवाब से मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।

संवाद के दौरान एक रोचक और प्रेरणादायक क्षण तब सामने आया जब मुख्यमंत्री ने एक छात्र से उसके भविष्य के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री के सवाल, “बड़े होकर क्या बनोगे?” पर छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “डॉक्टर बनूंगा।” बच्चे की यह बात सुनकर मुख्यमंत्री ने उसकी पीठ थपथपाई और उसे मेहनत तथा लगन से पढ़ाई जारी रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों के सपनों को साकार कर सकती है।

कोण्डापल्ली जैसे गांव कभी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझते रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार सुविधाओं का अभाव यहां के लोगों के लिए बड़ी चुनौती हुआ करता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। गांव में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क, पेयजल और विद्युत सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपने और उनकी शिक्षा ही विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और अवसर उपलब्ध हों।

कोण्डापल्ली के इस छोटे से विद्यालय में मुख्यमंत्री और बच्चों के बीच हुआ संवाद केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर की नई कहानी का प्रतीक था। यह वही क्षेत्र है जहां कभी बंदूकों और हिंसा की चर्चा होती थी, लेकिन आज यहां शिक्षा, विकास और उज्ज्वल भविष्य के सपने आकार ले रहे हैं।

कोण्डापल्ली का यह दृश्य स्पष्ट संदेश देता है कि बस्तर अब भय और संघर्ष की पहचान से आगे बढ़कर शिक्षा, विकास, आत्मविश्वास और नई पीढ़ी के सपनों की धरती बन रहा है। यह परिवर्तन क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद जगाता है।