स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर जोर, राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता

रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी और समय पर रेफरल प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

Apr 11, 2026 - 12:40
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स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर जोर, राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर।  प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस एक दिवसीय बैठक में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और सेवा प्रदायगी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जोखिम की समय पर पहचान अत्यंत आवश्यक है। ऐसे मामलों को समय रहते उच्च स्तरीय शासकीय या निजी स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाना चाहिए, ताकि जटिल परिस्थितियों से बचा जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि रेफरल प्रक्रिया के दौरान संबंधित चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन प्रसूता एवं शिशु के डिस्चार्ज तक सतत संपर्क बनाए रखें और सभी आवश्यक उपचार व सुविधाएं सुनिश्चित करें। इसके साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन के लिए अग्रिम तैयारियों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

समीक्षा बैठक में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। चिकित्सकों को प्रभावी दवाएं लिखने और आवश्यक जांच सुविधाएं स्वास्थ्य संस्थानों में ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर न जाना पड़े और उन्हें बेहतर सुविधा मिल सके।

बैठक का संचालन करते हुए सचिव अमित कटारिया ने मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की अनिवार्य रिपोर्टिंग और पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित डेटा विश्लेषण से मृत्यु के कारणों की पहचान कर भविष्य में सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार संभव होगा।

इस दौरान विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं की जानकारी आम जनता तक सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचाएं।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के संचालक संजीव कुमार झा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक रणबीर शर्मा, महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. एस.के. पामभोई सहित सभी संभागों के संयुक्त संचालक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कुष्ठ और टीबी उन्मूलन जैसे प्रमुख कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई।

समापन संबोधन में सचिव कटारिया ने कहा कि प्रदेश को टीबी और मलेरिया मुक्त बनाना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाना और प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से सेवा भावना, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सके।