बिजली और पानी की समस्या को लेकर महिलाओं का बिजली विभाग में प्रदर्शन, अधिकारियों के खिलाफ जताया आक्रोश

बिलासपुर में बिजली और पानी की लगातार बनी हुई समस्या से परेशान महिलाओं ने बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से पेयजल संकट बना हुआ है और बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की।

Jun 2, 2026 - 17:36
Jun 2, 2026 - 17:43
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बिजली और पानी की समस्या को लेकर महिलाओं का बिजली विभाग में प्रदर्शन, अधिकारियों के खिलाफ जताया आक्रोश

UNITED NEWS OF ASIA. विशाल तिवारी, बिलासपुर।बिलासपुर में बिजली और पानी की लगातार बनी हुई समस्या को लेकर महिलाओं का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में महिलाएं बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचीं और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के कारण क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जिससे आम लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में पिछले लगभग 15 दिनों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इसके चलते लोगों को पेयजल के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है और घरेलू कार्यों में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं के अनुसार समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभागों को दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लगातार बनी हुई परेशानी के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की आवश्यकता अधिक होती है, ऐसे समय में जलापूर्ति बाधित होना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विशेष क्षेत्रों में बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण कर दिया जाता है, जबकि मजदूर और गरीब परिवारों की बस्तियों में समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उनका कहना है कि सभी क्षेत्रों के लोगों को समान रूप से मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए और किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

किसान और मजदूर वर्ग से जुड़ी महिलाएं बड़ी संख्या में बिजली विभाग कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों के कक्ष के बाहर नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं तथा तत्काल बिजली और पानी की व्यवस्था सुधारने की मांग की। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखने को मजबूर होंगी।

कुछ समय के लिए कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया और महिलाओं ने अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी महिलाओं की मांगों का समर्थन किया और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नागरिकों का अधिकार हैं। यदि इन सेवाओं में लगातार बाधा आती है तो इसका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ता है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

फिलहाल प्रदर्शन के बाद सभी की निगाहें बिजली विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगा और क्षेत्र में बिजली तथा पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाएगा।