जानकारी के अनुसार हाल ही में नितिन गडकरी से नागपुर में हुई महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान इस फोर लेन परियोजना और कवर्धा बायपास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांगों को रखते हुए विजय शर्मा ने इस मार्ग की रणनीतिक और आर्थिक उपयोगिता को सामने रखा।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मांग को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद से ही संबंधित विभागों में परियोजना को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है।
प्रस्तावित फोर लेन परियोजना के तहत चिल्फी घाट से कवर्धा होते हुए सिमगा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को आधुनिक और चौड़ा स्वरूप दिया जाएगा। यह मार्ग छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य अंचल को राजधानी क्षेत्र और प्रमुख औद्योगिक गलियारों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण लाइफलाइन के रूप में देखा जाता है।
वर्तमान में इस मार्ग पर भारी यातायात दबाव रहता है, वहीं पहाड़ी और संकरी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। फोर लेन निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही मालवाहन परिवहन को गति मिलने से स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों की आपूर्ति और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेष रूप से चिल्फी घाट क्षेत्र, जो प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ी भौगोलिक बनावट के लिए जाना जाता है, वहां आधुनिक सड़क बनने से आपात सेवाओं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन कहीं अधिक सुरक्षित और आसान हो जाएगा।
स्थानीय स्तर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की इस पहल की व्यापक सराहना हो रही है। वर्षों से क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और नागरिक इस मार्ग को फोर लेन किए जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन अब जाकर इस दिशा में ठोस प्रगति दिखाई देने लगी है। लोगों का मानना है कि यह परियोजना कबीरधाम और आसपास के जिलों के विकास को नई गति देगी।
परियोजना के संबंध में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह सड़क केवल एक परिवहन मार्ग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास का आधार बनेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से यह कार्य तय समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि चिल्फी घाट से कवर्धा मार्ग और कवर्धा बायपास को प्राथमिकता के आधार पर परियोजना में शामिल किया गया है। फील्ड सर्वे, डीपीआर और भूमि से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की तैयारी की जा रही है।