6 माह से लंबित भुगतान को लेकर श्रमिक कल्याण संघ ने सौंपा ज्ञापन, श्रमिकों और किसानों ने जताई नाराजगी

पंडरिया शक्कर कारखाना के श्रमिकों और किसानों के लंबित भुगतान को लेकर श्रमिक कल्याण संघ ने प्रबंध संचालक को ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि श्रमिकों का जनवरी और फरवरी माह का भुगतान छह माह से लंबित है, जबकि किसानों को भी गन्ने का मूल भुगतान नहीं मिला है। भुगतान में देरी से आर्थिक संकट गहराने और असंतोष बढ़ने की बात कही गई है।

Jun 2, 2026 - 16:40
Jun 2, 2026 - 16:59
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6 माह से लंबित भुगतान को लेकर श्रमिक कल्याण संघ ने सौंपा ज्ञापन, श्रमिकों और किसानों ने जताई नाराजगी

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव l पंडरिया स्थित शक्कर कारखाना में श्रमिकों और किसानों के लंबित भुगतान का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। श्रमिक कल्याण संघ ने इस संबंध में प्रबंध संचालक को ज्ञापन सौंपकर जनवरी और फरवरी माह के लंबित भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की है। संघ का कहना है कि लगभग छह माह से भुगतान नहीं होने के कारण श्रमिकों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार वर्तमान महंगाई के दौर में श्रमिकों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल और कॉलेज फीस, कॉपी-किताबों की खरीद, घरेलू खर्च तथा खेती-किसानी से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

ज्ञापन में प्रबंधन से मांग की गई है कि श्रमिकों के लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जारी किया जाए। संघ ने कहा कि श्रमिक किसी भी उद्योग की रीढ़ होते हैं और उनके परिश्रम का उचित एवं समय पर भुगतान किया जाना आवश्यक है। यदि भुगतान में और देरी होती है तो कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ सकता है।

श्रमिक संगठन ने कारखाना प्रबंधन के कार्य संचालन पर भी सवाल उठाए हैं। संघ का आरोप है कि कारखाना सुधार और समय पर भुगतान को लेकर पूर्व में किए गए कई दावे धरातल पर पूरी तरह सफल नहीं हो सके हैं। हालांकि यह संगठन द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इस संबंध में कारखाना प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मामला केवल श्रमिकों तक सीमित नहीं है। पंडरिया क्षेत्र के गन्ना किसानों ने भी भुगतान में देरी को लेकर चिंता व्यक्त की है। किसानों का कहना है कि पेराई सत्र 2025-26 का गन्ना मूल्य भुगतान अब तक लंबित है, जिससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों, बीज एवं खाद की खरीद, बैंक ऋण की किस्त और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों का मानना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो आगामी पेराई सत्र में कई किसान कारखाने को गन्ना आपूर्ति करने से पीछे हट सकते हैं। इससे कारखाने के उत्पादन और संचालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

वहीं कारखाने में कार्यरत सुरक्षा गार्डों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखी हैं। उनका कहना है कि कारखाने की सुरक्षा का दायित्व निभाने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। सुरक्षा कर्मियों का आरोप है कि आर्थिक संकट के कारण उनके परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।

श्रमिक कल्याण संघ ने मांग की है कि श्रमिकों, सुरक्षा गार्डों और किसानों के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी किया जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जायज मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।

फिलहाल श्रमिकों और किसानों की निगाहें कारखाना प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। सभी संबंधित पक्षों को उम्मीद है कि जल्द ही भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।