UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल, सरायपाली l छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सुशासन तिहार के तहत प्रशासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरायपाली विकासखंड के ग्राम बिरकोल में एक दिवसीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
इस शिविर में महिला बाल आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा, जिला पंचायत सभापति कुमारी भास्कर तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
शिविर में कुल 18 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शेष आवेदनों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है और प्रक्रिया जारी है। इस पहल से ग्रामीणों को अपने गांव में ही प्रशासनिक सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उन्हें दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सभापति एवं जिला मंत्री कुमारी भास्कर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर गांव का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए।
शिविर में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, श्रमिक कार्ड और सुपोषण टोकरी वितरित की गई। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, रोजगार और पोषण संबंधी सुविधाओं का सीधा लाभ मिला।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए गोदभराई और अन्नप्राशन जैसे संस्कार भी संपन्न कराए गए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।
इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
कुल मिलाकर, बिरकोल में आयोजित यह समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ, जहां उन्हें एक ही स्थान पर कई सुविधाएं और सेवाएं प्राप्त हुईं। यह पहल सुशासन के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।