कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने ली क्राइम मीटिंग, कानून व्यवस्था में सुधार और अपराध नियंत्रण की समीक्षा
पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों और थाना/चौकी प्रभारियों के साथ क्राइम मीटिंग कर कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और अपराध नियंत्रण की समीक्षा की, अधिकारियों की उपलब्धियों की सराहना की।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम।U पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों की स्थिति एवं विवेचना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
क्राइम मीटिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में जिले में कुल अपराधों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले की कानून एवं शांति व्यवस्था संतोषजनक है और इसमें सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों द्वारा लगातार किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पुलिस अधीक्षक ने अवैध शराब, जुआ और अन्य सामाजिक अपराधों के खिलाफ की जा रही निरंतर कार्रवाइयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन मामलों में प्रभावी और परिणामोन्मुखी कार्रवाई से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सतत दबाव बनाते हुए अधिक से अधिक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधों पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक, एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह, डीएसपी अंजू कुमारी, डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी आशीष शुक्ला सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, रक्षित निरीक्षक, साइबर प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण करने, विवेचना की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रभावी रात्रि गश्त, बीट प्रणाली को सक्रिय रखना, जनसंपर्क बढ़ाना और फरियादियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना आवश्यक है।
अंत में धर्मेन्द्र सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के सभी अधिकारी और कर्मचारी इसी प्रकार समन्वय, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे, जिससे कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और अपराध नियंत्रण में और बेहतर परिणाम प्राप्त हों।