शौचालय मरम्मत कार्य में देरी पर अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा की नाराज़गी, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी
नगर पंचायत नगरी के अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत कार्य में हो रही देरी पर नाराज़गी जताई। उन्होंने ठेकेदार और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को गुणवत्तापूर्वक और शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि आम नागरिकों और यात्रियों को असुविधा से राहत मिल सके।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, नगरी। नगर पंचायत नगरी क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत कार्य में लगातार हो रही देरी पर नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने सख्त नाराज़गी व्यक्त की है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शौचालयों का मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि नगरवासियों और यात्रियों को और अधिक असुविधा का सामना न करना पड़े।
नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 (पुरानी बस्ती), वार्ड 12 (तालाब के पास), वार्ड 7 (बजरंग चौक) और वार्ड 7 (बस स्टैंड) स्थित सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत की गई थी। कार्य प्रारंभ तो हुआ, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और धीमी प्रगति के कारण काम अधूरा रह गया। खासकर बस स्टैंड और बजरंग चौक क्षेत्रों में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने लोक निर्माण विभाग के सभापति अश्वनी निषाद, वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद असकरण पटेल और शंकर देव के साथ चारों शौचालयों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण होना चाहिए।
अध्यक्ष छाबड़ा ने कहा कि नगर पंचायत का उद्देश्य स्वच्छता और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। यदि मरम्मत कार्य में और देरी की गई, तो ठेकेदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत नगरी प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है और बहुत जल्द सभी चारों शौचालयों को पुनः आम उपयोग के लिए खोल दिया जाएगा। इससे यात्रियों और नगरवासियों को हो रही परेशानी में राहत मिलेगी तथा नगर की स्वच्छता व्यवस्था और मजबूत होगी।
यह निरीक्षण न केवल प्रशासनिक सतर्कता का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि नगरी नगर पंचायत क्षेत्र में जनसुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।