आयोजन के तहत पिछले वर्ष जीर्णोद्धारित भगवान भोलेनाथ के मंदिर के प्रथम स्थापना दिवस के साथ-साथ नवनिर्मित मंदिर में बजरंगबली की प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं हवन के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिससे ग्राम भांसी सहित आसपास के क्षेत्र का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में भांसी के अलावा बचेली, किरंदुल तथा दंतेवाड़ा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की उपस्थिति से मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय बन गया और दिनभर पूजा, दर्शन एवं अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा।
कार्यक्रम के दौरान बचेली से आई भजन मंडली द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए। “हर-हर महादेव” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे आयोजन में भावपूर्वक सहभागिता निभाई और विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ एवं बजरंगबली जी से परिवार और ग्राम की सुख-समृद्धि की कामना की।
प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत सभी भक्तजनों को प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की व्यवस्था की सराहना की। इसके साथ ही शिव मंदिर समिति भांसी की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए प्रसाद ग्रहण किया।
शिव मंदिर समिति भांसी के पदाधिकारियों ने बताया कि मंदिर का यह स्थापना दिवस ग्राम के लिए विशेष महत्व रखता है। मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद यह पहला स्थापना दिवस था, जिसे पूरे ग्रामवासियों ने मिलकर उत्सव के रूप में मनाया। समिति के अनुसार, ऐसे धार्मिक आयोजनों से गांव में आपसी सहयोग, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं भजन मंडली के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से ग्राम में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
पूरे आयोजन के दौरान शांति, अनुशासन एवं श्रद्धा का भाव बना रहा और भांसी गांव में यह दिन धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक अनुभूति के रूप में यादगार बन गया।