सुकमा में विकास कार्यों की रफ्तार तेज: कोंटा जनपद में सीईओ मुकुन्द ठाकुर की मैराथन बैठक, मार्च 2026 तक 100% कार्य पूर्ण करने के निर्देश
सुकमा जिले के कोंटा जनपद पंचायत में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत सभी निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। पीएम आवास, एनआरएलएम और शिक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रीजेंट गिरी, सुकमा | सुकमा कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने कोंटा जनपद पंचायत कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की एक मैराथन समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) के तहत संचालित विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मार्च 2026 तक सभी निर्माण कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई।
बैठक के दौरान सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अब प्रतिदिन कम से कम 20 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लक्ष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सीईओ ठाकुर ने एनआरएलएम (NRLM) के अंतर्गत ‘सेवा एक्सप्रेस’ के माध्यम से रोजाना 20 नए स्व-सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया। इसका उद्देश्य वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
शिक्षा संस्थानों का औचक निरीक्षण
बैठक के उपरांत जिला पंचायत सीईओ ने कन्या आश्रम दरभागुड़ा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंटा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचें और शिक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने यह भी निर्देश दिए कि 12वीं कक्षा के बाद छात्रों को सही दिशा देने के लिए स्कूलों में नियमित रूप से कैरियर मार्गदर्शन कक्षाएं एवं सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज) की कक्षाएं संचालित की जाएं, ताकि छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास और विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।