जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होना अन्याय: आप नेता उत्तम जायसवाल

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय बताते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

Apr 7, 2026 - 13:19
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जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होना अन्याय: आप नेता उत्तम जायसवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने आगामी डिजिटल जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए पृथक कॉलम नहीं होने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने इस मुद्दे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय करार दिया है।

रायपुर में जारी प्रेस विज्ञप्ति में उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार एक ओर जातिगत जनगणना की बात करती है, वहीं दूसरी ओर आधिकारिक राजपत्र में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम का प्रावधान नहीं रखना विरोधाभासी और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पिछड़े वर्ग की वास्तविक जनसंख्या और स्थिति को छिपाने का प्रयास है।

जायसवाल ने कहा कि जनगणना के लिए निर्धारित 33 बिंदुओं में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए स्पष्ट कॉलम दिए गए हैं, लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए कोई अलग प्रावधान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना पृथक कॉलम के ओबीसी समुदाय की सही संख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आंकलन कैसे संभव होगा।

उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की साय सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग के विकास की बात करने वाली सरकारें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने इसे पिछड़े समाज के अधिकारों से वंचित करने की साजिश बताया और कहा कि सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है।

इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी देखी जा रही है। सर्व छत्तीसगढ़िया समाज एससी, एसटी, ओबीसी महासंघ द्वारा प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें जनगणना में ओबीसी के लिए पृथक कॉलम शामिल करने की मांग की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि इस विषय पर समाज में व्यापक असंतोष व्याप्त है।

उत्तम जायसवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इस मांग पर ध्यान नहीं दिया, तो आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पिछड़े वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि भारत विविधता और सामाजिक समरसता का देश है, जहां सभी वर्गों को समान अधिकार मिलना चाहिए। ऐसे में किसी भी वर्ग की अनदेखी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति सामने आ सके और उनके विकास के लिए उचित नीतियां बनाई जा सकें।

यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से और भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनते हैं।