चर्चा के दौरान विधायक भावना बोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। ऐसे में सड़क, आवास, पेयजल, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ होना केवल विकास का विषय नहीं बल्कि गांवों की आत्मनिर्भरता और सम्मान से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में ग्रामीण अधोसंरचना और आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
विधायक बोहरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में बारहमासी सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कई प्रमुख सड़कों के नवीनीकरण की मांग सदन में रखी। इनमें चचेड़ी से फांदतोड़ व्हाया बिटकुली, सिंघनपूरी से बोईरडीह व्हाया गुढ़ा, कोलेगांव से अमलीमालगी, देवसरा से कुई तथा गांगीबहरा से बीरानपुरखुर्द मार्ग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के नवीनीकरण से ग्रामीणों और किसानों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही किसान अपनी फसल आसानी से मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। इससे विद्यार्थियों और आपातकालीन सेवाओं को भी तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी।
भावना बोहरा ने पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष और सदस्य तथा ग्राम पंचायतों के सरपंच शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन वर्तमान में उनका मानदेय काफी कम है। ऐसे में उनके समर्पण और सेवा भावना का सम्मान करते हुए उनके मानदेय में वृद्धि की जानी चाहिए।
इसी प्रकार उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात पुलिस बल के जवानों के वेतन में भी वृद्धि की मांग की। उनका कहना था कि पुलिस जवान दिन-रात अपनी ड्यूटी निभाकर प्रदेश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में उनका मनोबल बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि आवश्यक है।
विधायक बोहरा ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा पंचायतों के माध्यम से 50 लाख रुपये तक के विकास और अधोसंरचना निर्माण कार्यों का प्रावधान किया गया है, लेकिन कई जगह यह राशि केवल कागजों तक ही सीमित रह जाती है। यदि पंचायतों को वास्तविक रूप से ये कार्य दिए जाएं तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विकास कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।
इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोदवागोडान में नई पुलिस चौकी तथा कांपादाह और कामठी में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि इन पुलिस संरचनाओं की स्थापना से आम नागरिकों को त्वरित सहायता मिलेगी और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।