कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल रहे, जबकि अध्यक्षता महेश वर्मा ने की। समारोह में अंजनी कुमार द्विवेदी वेदी, सचिव कंट्री डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन एसोसिएशन, प्रमोद सिंह सांसद प्रतिनिधि, भोजराज सिन्हा नेता प्रतिपक्ष सहित कन्हैया सोनी, जलाधर, एन. सैलेजा, धनराजू, अनिल सोनी, शारदा गुप्ता, राजकुमार जायसवाल, गुरुनाम सिंह, सुभाष शर्मा, रजनी सिंह, रिंकी अग्रवाल, नीता चौरसिया, अनुराणा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, कार्यकर्ता, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रशंसा पत्र भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला होते हैं। बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को दिशा देने में भी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षकों के प्रति हमेशा सम्मान और कृतज्ञता का भाव रहना चाहिए। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना गुरुजनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है।
सांसद बघेल ने एमजीएम समूह की शिक्षा के क्षेत्र में भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग 25 वर्ष पहले इस क्षेत्र में विद्यालय की शुरुआत हुई थी और अंबिका त्रिवेदी तथा उनके भाइयों ने कैंप क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार के लिए कई शाखाओं और सरस्वती ज्ञान मंदिरों की स्थापना की। उनके अनुसार आज इस समूह में लगभग 2500 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निजी विद्यालयों में शिक्षकों के वेतन और सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद शिक्षक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, जो सराहनीय है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महेश वर्मा ने कहा कि जीवन में प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं, जबकि शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व और संस्कारों को आकार देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए शिक्षा और संस्कार के माध्यम से समाज को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। भोजराज सिन्हा ने भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती और शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए गुरु के महत्व को रेखांकित किया।
समारोह के दौरान शिक्षकों के सम्मान से वातावरण भावपूर्ण रहा। उपस्थित लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों की मौजूदगी रही। आयोजन के माध्यम से शिक्षकों के समर्पण, मेहनत और समाज निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित किया गया।