सोनांचल एकेडमी पेंड्रा में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने दीं मनमोहक प्रस्तुतियां

पेंड्रा स्थित सोनांचल एकेडमी में शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्साह और मनोरंजन से भरपूर कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यार्थियों के आग्रह पर शिक्षकों ने भी मंच पर मनोरंजनात्मक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। डायरेक्टर जनार्दन प्रसाद श्रीवास और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन, संस्कार और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

Sep 5, 2026 - 17:08
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सोनांचल एकेडमी पेंड्रा में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने दीं मनमोहक प्रस्तुतियां

UNITED NEWS OF ASIA. पेंड्रा l शिक्षक दिवस के अवसर पर सोनांचल एकेडमी पेंड्रा में उत्साह, सम्मान और मनोरंजन से भरपूर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के डायरेक्टर जनार्दन प्रसाद श्रीवास ने किया। इस अवसर पर नव्या शर्मा, अभिषेक शर्मा एवं देवचरण कश्यप सहित संस्था के समस्त शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह व्यक्त करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजनात्मक प्रस्तुतियां दीं।

शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। उन्होंने गीत, नृत्य और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। गोविंद, खुशबू, शांति, राधिका, जीतेन्द्र, पायल, दसमत, सुमित, पूजा, रेखा, ओमप्रकाश, अस्मिता, अभिषेक, शिल्पी, सुलोचनी, राधा, देवकली, अनीता, ललिता, आरती, रोहिणी, रश्मि, रानी एवं पीताम्बर सहित कई विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

अपने संबोधन में डायरेक्टर जनार्दन प्रसाद श्रीवास ने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले भारत के निर्माता हैं और उनके कंधों पर देश के भविष्य की जिम्मेदारी होगी। विद्यार्थियों को जिस प्रकार की शिक्षा, संस्कार और अनुशासन मिलेगा, उसी के आधार पर भविष्य के समाज और राष्ट्र का स्वरूप तय होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों को भी जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

जनार्दन प्रसाद श्रीवास ने कहा कि जीवन में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन अपनी गलतियों से सीखना और उन्हें दोबारा न दोहराना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करने तथा लगातार सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गलतियां व्यक्ति के लिए सीख का माध्यम बन सकती हैं, लेकिन एक ही गलती को बार-बार दोहराने से प्रगति के रास्ते कठिन हो सकते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को आत्ममंथन करते हुए अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

इस अवसर पर नव्या शर्मा ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए अपने लक्ष्य और भविष्य को लेकर आत्ममंथन करने का दिन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

नव्या शर्मा ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर नए उत्साह के साथ प्रयास करना चाहिए। शिक्षक विद्यार्थियों को सही दिशा दिखा सकते हैं, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मेहनत और निरंतर प्रयास विद्यार्थियों को स्वयं करना होता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण उस समय आया, जब विद्यार्थियों के विशेष आग्रह पर शिक्षकों ने भी मंच पर मनोरंजनात्मक प्रस्तुतियां दीं। शिक्षकों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम के माहौल को और खुशनुमा बना दिया। विद्यार्थियों ने तालियों और उत्साह के साथ अपने शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। शिक्षक और विद्यार्थियों की संयुक्त सहभागिता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

अभिषेक शर्मा एवं देवचरण कश्यप ने भी विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मेहनत, अनुशासन, संस्कार और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अपने व्यवहार और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर शिक्षक दिवस को उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया। सोनांचल एकेडमी पेंड्रा में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, सम्मान, प्रेरणा, संस्कार और मनोरंजन का सुंदर संगम बनकर सामने आया।