भारतीय किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सक्ती जिले में खाद, बीज, बिजली और डीजल की समस्या को लेकर भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराने और बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती l सक्ती जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने खरीफ फसल वर्ष 2026 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद, बीज, डीजल और बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि वर्तमान में जिले भर में खाद की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे खेती की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि खरीफ फसल के लिए प्रति एकड़ किसानों को दो बोरी यूरिया, एक बैग डीएपी 18-46, दो बैग सुपर फास्फेट और 25 किलो पोटाश उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा किसानों को आधार और उन्नत किस्म के बीज भी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई, ताकि उत्पादन बेहतर हो सके और किसानों को आर्थिक लाभ मिल सके।
भारतीय किसान संघ ने बैंक ऋण से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। ज्ञापन में बताया गया कि जिन किसानों का अन्य बैंकों में पहले से लोन स्वीकृत है, उन्हें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा नया ऋण देने से मना किया जा रहा है। इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। संगठन ने ऐसे किसानों को भी सहकारी बैंक से ऋण उपलब्ध कराने की मांग की है।
बिजली कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों और ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती से आमजन और किसान दोनों परेशान हैं। खासकर ग्राम बासीन में पिछले लगभग 15 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया है। ज्ञापन में गांव में तत्काल बिजली लाइन सुधारने और सोलर पैनल आधारित बोरवेल स्थापित करने की मांग की गई है।
डीजल संकट को लेकर भी किसानों ने चिंता जताई। वर्तमान समय में रबी फसल की कटाई और खेतों की जोताई के लिए किसानों को डीजल नहीं मिल पा रहा है। इससे खेती के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे समय पर फसल कटाई और कृषि कार्य पूरा कर सकें।
भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन किया जा सकता है। किसानों ने प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है, ताकि खेती-किसानी का काम प्रभावित न हो और ग्रामीण क्षेत्रों में राहत मिल सके।