राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: एनएचएआई ने सड़क दुर्घटना मॉक-ड्रिल के जरिए आपात प्रशिक्षण दिया

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर मॉक-ड्रिल आयोजित कर यात्रियों, वाहन चालकों और फील्ड स्टाफ को सड़क दुर्घटना व मेडिकल आपात स्थिति से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

Jan 4, 2026 - 12:08
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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: एनएचएआई ने सड़क दुर्घटना मॉक-ड्रिल के जरिए आपात प्रशिक्षण दिया

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक विशेष मॉक-ड्रिल आयोजित की गई। इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों, वाहन चालकों और फील्ड स्टाफ को सड़क दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था।

मॉक-ड्रिल में विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपायों का प्रदर्शन किया। दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित ढंग से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने और आवश्यक सावधानियों के पालन की जानकारी दी गई। इसके अलावा विशेषज्ञों ने अचानक हार्ट अटैक, बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव और सांस लेने में कठिनाई जैसी मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की तकनीक समझाई।

विशेषज्ञों ने CPR (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन) देने की वैज्ञानिक विधि का लाइव डेमो दिखाया। साथ ही वाहन में तकनीकी खराबी आने पर अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपाय और दुर्घटना के दौरान प्राथमिक सहायता की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों ने व्यावहारिक तौर पर अभ्यास किया और आपात परिस्थितियों में आत्मविश्वास बढ़ाया।

एनएचएआई ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान सर्दियों के मौसम और रात में यात्रा के दौरान दुर्घटना की संभावना को कम करने के लिए वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का कार्य भी किया जा रहा है। साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के सड़क सुरक्षा अभियान और मॉक-ड्रिल से न केवल आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ती है, बल्कि दुर्घटनाओं से होने वाले जोखिम को भी कम किया जा सकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित और सतर्क यात्रा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।