चार दशक से शिक्षा की अलख जगा रहीं बी. मैथ्यू, विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य संवारना ही मानती हैं सबसे बड़ा पुरस्कार

धमतरी की शिक्षिका बी. मैथ्यू पिछले लगभग 40 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण के साथ कार्य कर रही हैं। गणित की व्याख्याता के रूप में उन्होंने हजारों विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Mar 7, 2026 - 18:25
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चार दशक से शिक्षा की अलख जगा रहीं बी. मैथ्यू, विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य संवारना ही मानती हैं सबसे बड़ा पुरस्कार

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, ज्ञान और करुणा का प्रतीक माना जाता है। परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, खेल और सामाजिक सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के योगदान और उनके सशक्तिकरण को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है।

इसी कड़ी में धमतरी जिले की शिक्षिका बी. मैथ्यू शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और सेवा की प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं। वर्तमान में वे शासकीय शिव सिंह वर्मा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी में पदस्थ हैं और लगभग चार दशकों से शिक्षा की अलख जगाकर विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही हैं।

बी. मैथ्यू के मार्गदर्शन में पढ़े कई विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर समाज में अपनी पहचान बना चुके हैं। कुछ विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर प्रशासनिक सेवाओं की ओर अग्रसर हैं, वहीं कई छात्र इंजीनियर, डॉक्टर और शिक्षक बनकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। उनके शिक्षण और मार्गदर्शन ने सैकड़ों विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।

मैथ्यू बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 1989 में माध्यमिक शाला धमतरी में गणित विषय की व्याख्याता के रूप में अपने शिक्षण जीवन की शुरुआत की थी। इससे पहले उन्होंने शासकीय एटीआईएस रिसर्च सेंटर में जूनियर साइंटिस्ट के रूप में भी कार्य किया था। हालांकि उनके मन में समाज के लिए कुछ सार्थक करने की इच्छा थी, जिसके चलते उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को अपना जीवन उद्देश्य बनाया।

उन्होंने मिनी पीएससी की तैयारी कर व्याख्याता पद पर चयन प्राप्त किया और तब से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रही हैं। उनका मानना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों को विकसित करने का माध्यम भी है।

बी. मैथ्यू गणित जैसे विषय को सरल और रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। वे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास का महत्व भी समझाती हैं। उनके पढ़ाने का तरीका इतना प्रेरणादायी है कि विद्यार्थी पढ़ाई में स्वाभाविक रूप से रुचि लेने लगते हैं।

वे कहती हैं कि बच्चों को पढ़ाना उनके लिए केवल एक नौकरी नहीं है, बल्कि समाज के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है। जब उनके पढ़ाए विद्यार्थी जीवन में सफल होते हैं और समाज में सकारात्मक योगदान देते हैं, तो वही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार और संतोष का कारण होता है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्रीमती बी. मैथ्यू का संदेश है कि यदि महिलाओं को शिक्षा, अवसर और परिवार का सहयोग मिले तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। उनका मानना है कि समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, देश उतनी ही तेजी से प्रगति करेगा।

चार दशकों के शिक्षण अनुभव और विद्यार्थियों के प्रति उनके समर्पण ने बी. मैथ्यू को धमतरी जिले में एक आदर्श शिक्षिका के रूप में स्थापित किया है। वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की ज्योति जला रही हैं।