दुर्ग में कांग्रेस का ‘स्मार्ट मीटर हटाओ, पुराने मीटर लगाओ’ अभियान शुरू, घर-घर पहुंचकर भरवाए जाएंगे आवेदन

दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने धमधा नगर से "स्मार्ट मीटर हटाओ, पुराने मीटर लगाओ" अभियान की शुरुआत की। अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर बिजली उपभोक्ताओं से आवेदन भरवाएंगे और उन्हें बिजली विभाग को सौंपेंगे। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

Jul 24, 2026 - 14:07
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दुर्ग में कांग्रेस का ‘स्मार्ट मीटर हटाओ, पुराने मीटर लगाओ’ अभियान शुरू, घर-घर पहुंचकर भरवाए जाएंगे आवेदन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) ने बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर "स्मार्ट मीटर हटाओ, पुराने मीटर लगाओ" अभियान की शुरुआत कर दी है। अभियान का शुभारंभ धमधा नगर से किया गया, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। अभियान के तहत बिजली उपभोक्ताओं से आवेदन पत्र भरवाने और उन्हें बिजली विभाग तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान उन उपभोक्ताओं की आवाज़ को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए चलाया जा रहा है, जो अपने घरों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को हटाकर पुराने बिजली मीटर पुनः लगाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए तैयार किए गए आवेदन संबंधित क्षेत्रीय बिजली विभाग के अधिकारियों के नाम संबोधित हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से विभाग को सौंपा जाएगा।

अभियान के शुभारंभ के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने स्वयं आवेदन पत्र भरकर इसका समर्थन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि आने वाले दिनों में वे जिले के प्रत्येक वार्ड, गांव और मोहल्ले में घर-घर जाकर बिजली उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे। लोगों को आवेदन पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, उन्हें भरवाया जाएगा और सभी आवेदन एकत्रित कर संबंधित बिजली कार्यालयों में जमा कराए जाएंगे।

जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने अभियान के दौरान कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि इससे बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उनका कहना है कि अनेक परिवार पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल मिलने से आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस स्थिति से मध्यम वर्ग, गरीब परिवार, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और अन्य उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी योजना के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो सरकार को उसकी समीक्षा करनी चाहिए। इसी उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है ताकि उपभोक्ताओं की मांग को संगठित रूप से बिजली विभाग और सरकार तक पहुंचाया जा सके।

अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का दावा है कि मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बढ़ोतरी हुई है और शिकायतों के समाधान के लिए उन्हें बार-बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।

राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उनका कहना है कि यदि उपभोक्ताओं की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो पार्टी भविष्य में भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल धमधा नगर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे दुर्ग ग्रामीण जिले के सभी ब्लॉकों, नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर से संबंधित जानकारी देंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और आवेदन भरवाकर उन्हें विधिवत बिजली विभाग तक पहुंचाएंगे। पार्टी का दावा है कि इससे उपभोक्ताओं की मांग को संगठित रूप से प्रशासन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जाएगा। अभियान में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए तथा सभी ने बिजली उपभोक्ताओं के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की बात कही।

यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब राज्य में स्मार्ट मीटरों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। कांग्रेस इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए पूरे जिले में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी कर रही है, जबकि अंतिम निर्णय और नीतिगत बदलाव सरकार तथा संबंधित विभागों के अधिकार क्षेत्र में होंगे।