सालेम इंग्लिश स्कूल में अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई, 28 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
रायपुर स्थित सालेम इंग्लिश स्कूल प्रबंधन ने विद्यालय में अनुशासन, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए 28 शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। प्रबंधन का कहना है कि लंबे समय से कुछ कर्मचारियों द्वारा अनुशासनहीनता, शिक्षण कार्य में लापरवाही और संस्था विरोधी गतिविधियां की जा रही थीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और स्कूल का माहौल प्रभावित हो रहा था। कई बार चेतावनी और नोटिस दिए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, l रायपुर के सालेम इंग्लिश School में शिक्षा व्यवस्था और अनुशासन को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। स्कूल प्रबंधन ने 28 शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करते हुए स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विद्यार्थियों के हित, शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। प्रबंधन के अनुसार लंबे समय से कुछ कर्मचारियों द्वारा ऐसी गतिविधियां की जा रही थीं, जिनसे स्कूल का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा था।
विद्यालय प्रबंधन ने जारी बयान में कहा कि पिछले कई महीनों से अभिभावकों और विद्यार्थियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में आरोप था कि कुछ शिक्षक नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई नहीं करा रहे थे, कक्षाओं के दौरान मोबाइल फोन और सोशल मीडिया में व्यस्त रहते थे तथा निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा अनुशासनहीनता और संस्था विरोधी गतिविधियों के भी आरोप सामने आए थे।
प्रबंधन के अनुसार संबंधित कर्मचारियों को सुधार के लिए कई अवसर दिए गए। उन्हें मौखिक निर्देश, लिखित मेमो, चेतावनी पत्र और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। जांच समिति की कार्यवाही की भी अनदेखी की गई और सेवा नियमों का उल्लंघन लगातार जारी रहा।
स्कूल प्रशासन ने यह भी कहा कि कुछ कर्मचारियों द्वारा विद्यालय परिसर और बाहरी माध्यमों से प्रबंधन एवं संस्था के खिलाफ भ्रामक और निराधार आरोप लगाए जा रहे थे, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी थी और स्कूल का माहौल तनावपूर्ण बनता जा रहा था।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और अभिभावकों के विश्वास का केंद्र होता है। ऐसे में यदि शिक्षा के स्थान पर राजनीति, समूहबाजी और विवाद हावी होने लगें, तो सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कठोर लेकिन आवश्यक निर्णय लिया गया।
स्कूल प्रबंधन ने बताया कि हाल ही में वैधानिक प्रक्रिया के तहत नई प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। जिला कलेक्टर, रायपुर की निगरानी में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के बाद समिति को प्रशासनिक अधिकार प्राप्त हुए हैं। वर्तमान समिति संस्था के संचालन और अनुशासन बनाए रखने के लिए अधिकृत है।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) ने प्रदेश के अन्य स्कूलों और शिक्षण संस्थानों से भी अपील की है कि किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति से पहले उसके सेवा रिकॉर्ड, आचरण और एनओसी की जांच अवश्य करें। बोर्ड का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि संस्था की छवि खराब करने के लिए कुछ व्यक्तियों द्वारा कानूनी प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें न्यायालय से राहत नहीं मिली। अंत में स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों और नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय का सहयोग करें।