UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत महलोई में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छता और सुरक्षित मल प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। गांव में वैज्ञानिक तरीके से सेप्टिक टैंक की सफाई और उसके अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल सामने आई है।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत महलोई निवासी संजय पटनायक के सेप्टिक टैंक की मशीन के माध्यम से सफाई की गई। सफाई के दौरान निकाले गए डी-स्लज (मल अपशिष्ट) को सुरक्षित रूप से ग्राम में स्थापित एफएसटीपी (Fecal Sludge Treatment Plant) में निस्तारित किया गया। इस प्रक्रिया को पूरी तरह वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संपन्न किया गया।
ग्राम पंचायत महलोई में अब तक दो बार सेप्टिक टैंक खाली करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इससे गांव में नियमित स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल रही है और खुले में मल अपशिष्ट फेंकने की समस्या पर भी नियंत्रण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप जल स्रोतों और भूमि प्रदूषण में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
एफएसटीपी में मल अपशिष्ट का वैज्ञानिक उपचार किए जाने से न केवल पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका कम होती है और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा मिलता है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीणों को सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई और सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर लोगों को बताया जा रहा है कि किस प्रकार समय-समय पर सफाई कराकर स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों की रक्षा की जा सकती है।
जिन हितग्राहियों को सेप्टिक टैंक खाली कराना है, वे अपने ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव या नगर पंचायत घरघोड़ा के सीएमओ कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और “स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव” के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।