“कुर्सी प्रियंका की, जिम्मेदारी कौन निभा रहा?”: खैरागढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर सियासी घमासान तेज

खैरागढ़ में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका ताम्रकार की सक्रियता को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक बैठकों में उनके पति की मौजूदगी ‘प्रॉक्सी राजनीति’ है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। मामले ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है।

May 9, 2026 - 19:43
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“कुर्सी प्रियंका की, जिम्मेदारी कौन निभा रहा?”: खैरागढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर सियासी घमासान तेज

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l खैरागढ़ जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका ताम्रकार की कथित कम सक्रियता और उनके स्थान पर उनके पति की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। विवाद के केंद्र में “कुर्सी किसकी और जिम्मेदारी कौन निभा रहा” जैसे सवाल खड़े हो गए हैं।

कांग्रेस की ओर से विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर महिला जनप्रतिनिधियों की जगह उनके पति प्रशासनिक बैठकों और कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण बैठकों में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका ताम्रकार की बजाय उनके पति खम्हन ताम्रकार मौजूद रहते हैं।

मनराखन देवांगन ने इसे “प्रॉक्सी राजनीति” करार देते हुए कहा कि यह व्यवस्था महिला जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और नगरीय प्रशासन विभाग इस तरह की परिस्थितियों पर आपत्ति जता चुके हैं, जहां निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की जगह उनके परिजन कार्य करते हैं।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष का कक्ष होने के बावजूद उनकी उपस्थिति कम देखी जाती है, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

वहीं भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य घम्मन साहू ने कहा कि भाजपा हमेशा महिलाओं को नेतृत्व देने में विश्वास रखती है और खैरागढ़ की महिला जनप्रतिनिधि भी अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेवजह राजनीतिक माहौल को खराब करने का प्रयास कर रही है।