UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक बड़ा हादसा सामने आया। शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित न्यू कल्पना रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा रेस्टोरेंट उसकी चपेट में आ गया। आग की ऊंची लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना देर रात की है, जब अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी थीं। अचानक रेस्टोरेंट से धुआं निकलता दिखाई दिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसी दौरान होटल में रखा गैस सिलेंडर भी जोरदार धमाके के साथ फट गया। सिलेंडर ब्लास्ट की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। विस्फोट इतना तेज था कि कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
आग की चपेट में होटल के बाहर खड़ी एक बाइक भी आ गई, जो पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कई लोगों ने पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग लगातार फैलती रही। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दमकल विभाग की टीम पहुंच जाती, तो नुकसान कम हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बावजूद दमकल वाहन करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचा। तब तक रेस्टोरेंट पूरी तरह जल चुका था और अंदर रखा फर्नीचर, खाद्य सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण समेत लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया। हालांकि दमकल टीम ने पहुंचने के बाद काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया और आसपास की दुकानों तक आग फैलने से रोक दिया।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव को हादसे की वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस घटना के बाद बस स्टैंड क्षेत्र में देर रात तक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपात स्थिति में समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। लोगों की सतर्कता और प्रयासों की वजह से आग को आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोका जा सका, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।