कोरबा में मिलाईबाजार-केशला-गंगदेई-तेंदवाही मार्ग के नवीनीकरण की मांग तेज, कलेक्टर से वर्षा बाद तत्काल कार्य शुरू कराने की अपील

कोरबा जिले के भिलाई बाजार क्षेत्र के समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मिलाईबाजार-केशला-गंगदेई-तेंदवाही से नेशनल हाईवे-130A तक स्वीकृत सड़क के नवीनीकरण कार्य को वर्षा ऋतु समाप्त होते ही शुरू कराने की मांग की है। सड़क की जर्जर स्थिति से हजारों ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

Jul 24, 2026 - 14:18
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कोरबा में मिलाईबाजार-केशला-गंगदेई-तेंदवाही मार्ग के नवीनीकरण की मांग तेज, कलेक्टर से वर्षा बाद तत्काल कार्य शुरू कराने की अपील

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l जिले के भिलाई बाजार क्षेत्र से मिलाईबाजार, केशला, गंगदेई और तेंदवाही होते हुए नेशनल हाईवे-130A तक जाने वाले मार्ग के नवीनीकरण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। क्षेत्र के समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर वर्षा ऋतु समाप्त होते ही सड़क के नवीनीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मार्ग हजारों ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है और वर्तमान में इसकी जर्जर स्थिति लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है।

प्रदीप जायसवाल द्वारा सौंपे गए आवेदन में बताया गया है कि इस सड़क के नवीनीकरण की मांग पहले भी कई स्तरों पर उठाई जा चुकी है। इस संबंध में विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, मुख्यमंत्री सचिवालय तथा कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से भी पत्राचार किया गया था। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (सीजीआरआरडीए), परियोजना क्रियान्वयन इकाई, कोरबा द्वारा जारी पत्र के अनुसार भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण यह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। विभाग ने इस मार्ग के महत्व और खराब स्थिति को देखते हुए इसके नवीनीकरण को वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।

इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से उन्हें रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई सतह और खराब मार्ग के कारण वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक यात्रा करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

प्रदीप जायसवाल ने आवेदन में कहा कि यह मार्ग केवल एक गांव को नहीं बल्कि मिलाईबाजार, केशला, गंगदेई, तेंदवाही सहित आसपास के अनेक गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण, विद्यार्थी, किसान, मजदूर, व्यापारी और अन्य लोग इसी सड़क से आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने के कारण लोगों को समय, ईंधन और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों को खेती-किसानी से जुड़े कार्यों के लिए कृषि उपज मंडी, बाजार और अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचने में परेशानी होती है। वहीं विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में भी कई बार देरी हो जाती है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए यह मार्ग काफी जोखिमपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सड़क का नवीनीकरण नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

प्रदीप जायसवाल ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि स्वीकृत सड़क के नवीनीकरण कार्य को बिना किसी अनावश्यक विलंब के प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सड़क निर्माण को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है, इसलिए अब कार्य को धरातल पर उतारना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण शुरू होने से न केवल ग्रामीणों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी, जिससे पूरे क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने जनहित के इस महत्वपूर्ण विषय पर जिला प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस सड़क के नवीनीकरण का इंतजार कर रही है और अब जबकि योजना स्वीकृत हो चुकी है, तो वर्षा समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाना चाहिए।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी सड़क निर्माण की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जर्जर सड़क के कारण उन्हें वर्षों से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका मानना है कि यदि समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा किया जाता है तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी और क्षेत्र में सुरक्षित एवं सुगम यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करेगा, ताकि मिलाईबाजार-केशला-गंगदेई-तेंदवाही मार्ग का नवीनीकरण कार्य वर्षा ऋतु समाप्त होते ही प्रारंभ हो सके और लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान मिल सके।