निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वार्ड क्रमांक 25 के अग्रसेन चौक की सड़क पर पड़े बिल्डिंग मटेरियल और सीएंडडी वेस्ट का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क पर पड़े निर्माण अपशिष्ट को तीन दिनों के भीतर पूरी तरह हटाया जाए, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो और क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर निर्माण सामग्री अथवा अपशिष्ट जमा रहने से नागरिकों को असुविधा होती है, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
इसके बाद आयुक्त ने वार्ड क्रमांक 13 की बैंक लेन में साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बेस तक बेहतर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वार्ड क्रमांक 12 और 13 में गीले एवं सूखे कचरे के पृथक संग्रहण की निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाए।
वार्ड क्रमांक 12 में आयुक्त ने विद्युत खंभा क्रमांक 12 और 57 का तकनीकी परीक्षण तत्काल कराने के निर्देश दिए। वहीं गजानंद विहार स्थित प्लॉट के भवन संबंधी भौतिक परीक्षण और जांच की कार्रवाई भी जल्द पूरी करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी संबंधित प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
आयुक्त लीना कोसम ने इंदिरा मार्केट और पुराने बस स्टैंड स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्य की गति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि काम को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को जल्द इस सुविधा का लाभ मिल सके। उन्होंने लंबित निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया।
इसके बाद आयुक्त ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति स्थापना और सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मूर्ति तैयार हो चुकी है और स्थापना कार्य शेष है। इस परियोजना की लागत 50 लाख रुपये बताई गई, जबकि कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आयुक्त ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने और अनावश्यक देरी से बचने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो निर्माण कार्य किसी कारण से रुके हुए हैं या जिनमें अभी कुछ कार्य शेष हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है।
मॉर्निंग विजिट के दौरान आयुक्त ने पुलगांव स्थित गोठान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गोठान में वर्तमान में मौजूद गायों की संख्या और समूह में कार्यरत सदस्यों की जानकारी ली तथा वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, भवन अधिकारी प्रकाश चंद थवानी, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू, उप अभियंता मोहित मरकाम, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, शोएब अहमद सहित संबंधित अधिकारी और ठेकेदार मौजूद रहे। आयुक्त के औचक निरीक्षण से निगम की मैदानी कार्यप्रणाली को लेकर अधिकारियों में सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।