जिला पंचायत सीईओ ने जीपीडीपी प्लान एवं जल संरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, महिला दिवस पर शॉक पिट/रिचार्ज पिट निर्माण महाअभियान चलाने के निर्देश

बेमेतरा में जिला पंचायत सीईओ की अध्यक्षता में जीपीडीपी प्लान 2026-27 की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जल संरक्षण, ग्राम सभा की सहभागिता और 8 मार्च को महिला दिवस पर शॉक पिट व रिचार्ज पिट निर्माण महाअभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

Feb 23, 2026 - 17:48
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जिला पंचायत सीईओ ने जीपीडीपी प्लान एवं जल संरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, महिला दिवस पर शॉक पिट/रिचार्ज पिट निर्माण महाअभियान चलाने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा | जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज जिला पंचायत बेमेतरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) की प्रगति को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में वर्ष 2026–27 के लिए तैयार किए जा रहे जीपीडीपी प्लान की ऑनलाइन प्रविष्टि, भौतिक प्रगति, वित्तीय स्थिति तथा प्राथमिकता वाले कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

सीईओ ने निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतें शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में जीपीडीपी पोर्टल पर योजनाओं की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजना निर्माण केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक आवश्यकताओं पर आधारित होनी चाहिए, ताकि गांवों का सर्वांगीण विकास संभव हो सके।

बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि योजना निर्माण की प्रक्रिया में ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर स्थानीय समस्याओं और जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। सीईओ ने कहा कि जीपीडीपी प्लान में जल संरक्षण, जल संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

बैठक में आगामी 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले में “जल संरक्षण हेतु शॉक पिट/रिचार्ज पिट निर्माण महाअभियान” चलाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। सीईओ ने बताया कि इस विशेष अभियान के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक शॉक पिट एवं रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और भू-जल स्तर में सुधार लाया जा सकेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता से जन-जागरूकता अभियान के रूप में संचालित किया जाएगा, ताकि जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्व तैयारी, उपयुक्त स्थल का चयन, तकनीकी स्वीकृति, निर्माण सामग्री की उपलब्धता तथा श्रमिकों की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जाए।

सीईओ ने प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि मुनादी, दीवार लेखन, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, ग्राम सभा तथा महिला समूहों की बैठकों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा एवं अन्य संबंधित योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जाए।

तकनीकी सहायकों को गुणवत्ता नियंत्रण, माप पुस्तिका संधारण तथा समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम अधिकारियों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं फील्ड निरीक्षण करने के लिए कहा गया, ताकि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

बैठक में ग्राम पंचायत सचिव, महिला स्व-सहायता समूहों की प्रतिनिधि महिलाएं, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, कार्यक्रम अधिकारी, जनपद पंचायत के सीईओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन के रूप में विकसित करने की अपील की गई।