ऑपरेशन साइबर शील्ड: अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत फर्जी .APK फाइल के जरिए मोबाइल हैक कर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। दिल्ली, एमपी, महाराष्ट्र, यूपी और पश्चिम बंगाल से 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से कई फर्जी APK, बैंक खाते और ठगी के तरीके उजागर हुए।

Nov 18, 2025 - 11:18
 0  19
ऑपरेशन साइबर शील्ड: अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

 UNITED NEWS OF ASIA.  रामकुमार भारद्वाज,  रायपुर। रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय रायपुर के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज  अमरेश मिश्रा के मार्गदर्शन में साइबर थाना टीम ने देशभर में फैले साइबर अपराधियों पर निर्णायक कार्यवाही करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी .APK फाइल तैयार कर लोगों के मोबाइल हैक करते थे और लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।

जांच में यह सामने आया कि साइबर अपराधी व्हाट्सऐप के जरिए RTOechallan.apk, PMkisanyojna.apk और अन्य सरकारी योजना, बैंक एवं बिजली विभाग जैसे विश्वसनीय नामों से नकली APK फाइल भेजते थे। इन फाइलों में मैलिशियस कोड एम्बेड होता था, जिससे फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल पूरी तरह हैकर के नियंत्रण में चला जाता था। इसके बाद आरोपी पीड़ित की बैंकिंग जानकारी, संपर्क सूची और निजी डेटा तक पहुंच बनाकर बैंक खाते से रुपए निकालते थे तथा पीड़ित के संपर्कों तक फर्जी APK लिंक भेजकर ठगी का दायरा और बढ़ाते थे।

फर्जी APK बनाने वाला मुख्य हैकर
पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे में रहने वाला 18 वर्षीय धर्मजीत सिंह इन खतरनाक APK फाइलों को तैयार करता था। वह टेलीग्राम ग्रुप में 500 से अधिक लोगों को जोड़कर इन नकली APK फाइलों की बिक्री करता था। बाद में इन्हें अलग-अलग राज्यों के साइबर ठग खरीदकर ठगी में इस्तेमाल करते थे।

फंड फ्लो नेटवर्क
दिल्ली और यूपी के आरोपी सौरभ कुमार और आलोक कुमार मोबाइल हैक होने के बाद ठगी की रकम को म्युल खातों के माध्यम से आगे बढ़ाते थे। इसके बाद मध्यप्रदेश के चांद मोहम्मद और पश्चिम बंगाल के इरफान अंसारी के जरिए एटीएम से नकदी निकाली जाती थी।

अर्चना भदौरिया और महेश कुमार साहू जैसे पीड़ितों ने जब पुलिस को शिकायत की, तब साइबर थाना ने तकनीकी विश्लेषण कर दो मामलों —
• अपराध क्रमांक 734/25 (थाना टिकरापारा)
• अपराध क्रमांक 132/25 (थाना राखी)
— दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों मामलों में लगभग 17.12 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई थी।

गिरफ्तारी अभियान
पुलिस ने दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में लगातार रेड कार्रवाई कर आरोपियों —

  1. सौरभ कुमार

  2. आलोक कुमार

  3. चांद बाबू

  4. धर्मजीत सिंह

  5. इरफान अंसारी

  6. मारूफ सिद्दीकी
    — को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के बैंक खातों में जमा 2 लाख रुपए होल्ड कराए गए हैं और आगे की आर्थिक जांच जारी है।

आरोपियों के मोबाइल से कई फर्जी APK फाइलों के नाम मिले —
RTOchallan.apk, ICICIBank.apk, SBIcreditcard.apk, Fastag.apk, PMkishan.apk, CSCservicejoin.apk, Punjabnationalbank.apk, SBIyono.apk सहित दर्जनों खतरनाक APK फाइलों के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

जनता से पुलिस की अपील

• किसी अनजान APK लिंक/फाइल पर क्लिक न करें।
• केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
• अनावश्यक परमिशन मांगने वाले ऐप को इंस्टॉल न करें।
• मोबाइल में एंटीवायरस जरूर रखें।
• मोबाइल हैक होते ही मोबाइल को फ्लाइट मोड पर करें और सिम निकाल दें।
• किसी भी ठगी की घटना पर तुरंत 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।