कवर्धा में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु बूथ लेवल अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कवर्धा में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025-26 के लिए बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में पात्र-अपात्र मतदाताओं की पहचान, फॉर्म भरने की प्रक्रिया और मैदानी कार्य के दौरान आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन रखने पर बल दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 तक पूर्ण की जानी है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गोपाल वर्मा के निर्देशन पर आज जिला कार्यालय कबीरधाम के सभाकक्ष में बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र पैकरा की उपस्थिति में मास्टर ट्रेनर महेंद्र गुप्ता ने बूथ लेवल अधिकारियों को पुनरीक्षण प्रक्रिया के सभी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विशेष पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सूची का सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा। पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाएंगे, वहीं मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध और अद्यतन रहे।
प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में पते का मानकीकरण, अनुपस्थित मतदाताओं को नोटिस चस्पा करना, दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड, गणना पत्रक भरने की विधि, पात्रता की पुष्टि हेतु आवश्यक दस्तावेजों का संधारण और प्रारूप नामावली का प्रकाशन जैसे कार्य प्रमुख रहेंगे।
साथ ही, राजनीतिक दलों के साथ निर्वाचक सूची साझा करने, दावा-आपत्तियों की सूची (फॉर्म 9, 10, 11, 11ए, 11बी) के प्रकाशन, सुनवाई और अपील की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण में विशेष रूप से यह बताया गया कि फॉर्म 6, 7, 8 और 8ए की प्रक्रिया के दौरान समयसीमा और सटीकता का पालन अनिवार्य है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र पैकरा ने बूथ लेवल अधिकारियों से कहा कि "निर्वाचक नामावली की शुद्धता ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है।" उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने क्षेत्र की मतदाता सूची को अद्यतन करने में पूर्ण जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें।
इस अवसर पर निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं जिले के सभी बीएलओ उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाता जागरूकता गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई।
यह प्रशिक्षण आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।